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पहली भाई-बहन की जोड़ी बनी अग्निवीर, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

धरती हरी भरी हो और आकाश मुस्कुराए,
कुछ करके ऐसा दिखाओ कि ‘आप जगमगाए’ ऐसा ही कर दिखाया है इस भाई बहन की जोड़ी ने, केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत झज्जर के मातानहेल निवासी अनुजा और सुमित का चयन अग्निवीर भर्ती में हुआ है। सुमित और अनुजा भाई-बहन हैं। यह पहली बार है, जब एक परिवार के दो सदस्य अग्निवीर बन रहे हैं। इनके अग्निवीर बनने से आसपास के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।

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झज्जर के साल्हावास क्षेत्र के गांव मातनहेल निवासी चचरे भाई-बहन 22 वर्षीय सुमित सुहाग व 23 वर्षीय अनुजा सुहाग का अग्निवीर में चयनित होने पर परिजनों में खुशी की लहर है।

सुमित पुत्र विजय कुमार पहले ही प्रयास में भर्ती हुए हैं, जबकि अनुजा सुहाग पुत्री संजय पिछले चार वर्षों से सेना में भर्ती होने के लिए निरंतर मेहनत कर रही थी। अनुजा व सुमित दोनों के पिता सगे भाई हैं, जो एक ही छत के नीचे रहते हैं। परिजनों ने बताया कि अनुजा व सुमित ने 12वीं तक की शिक्षा गांव मातनहेल के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से प्राप्त की है।

जितना खास इनका अग्निवीर बनना है, उतना ही खास इनका सफर भी है। दोनों भाई-बहन शुरुआत से ही सेना में जाने का मन बना चुके थे। पहले सेना व वायु सेना में स्थायी भर्ती के लिए कोशिश की, मगर यहां भर्ती रद हो गई तो अग्निवीर बनने का सपना देखा।

पहली बार में ही दोनों का चयन रोहतक भर्ती कार्यालय द्वारा कराई गई भर्ती में हो गया। अब दोनों प्रशिक्षण के लिए बैंगलुरु जा रहे हैं। दोनों बैंगलुरु में अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर अग्निवीर बनेंगे। सेना भर्ती मुख्यालय अंबाला में दोनों भाई-बहनों के उदाहरण को सैन्य अधिकारियों ने पेश कर योजना के तहत युवाओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया है। ऑल इंडिया रैंक में प्रथम स्थान हासिल करने पर अनुजा को एआरओ रोहतक की तरफ से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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