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    उत्तराखंड सहित देशभर में 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द

    हिमाचल प्रदेश में 70 और उत्तराखंड में 45 और मध्य प्रदेश में 23 कंपनियों पर कार्रवाई की गई

    गुरुवार, 13 अप्रैल। 20 राज्यों में 76 कंपनियों पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) द्वारा निरीक्षण के बाद नकली दवाओं के निर्माण के लिए 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, सूत्रों ने गुरुवार को कहा नकली दवा बनाने वाली कंपनियों पर सरकार की कार्रवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश में 70 और उत्तराखंड में 45 और मध्य प्रदेश में 23 कंपनियों पर कार्रवाई की गई है। न्यूज़ मीडिया एएनआई के हाथ लगी लिस्ट के मुताबिक, जिन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें से ज्यादातर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड है।
    अधिकतर कम्पनी उत्तराखंड और हिमाचल की
    देहरादून में पंजीकृत हिमालया मेडिटेक प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस 30 दिसंबर, 2022 से तत्काल प्रभाव से निर्माण के लिए निलंबित कर दिया गया था और इस साल 7 फरवरी को 12 उत्पादों के निर्माण की अनुमति रद्द कर दी गई थी। हिमाचल प्रदेश के बद्दी से श्री साई बालाजी फार्मेटिक प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ और निर्माण बंद करने का नोटिस जारी किया गया था। औषधि निरीक्षकों द्वारा अनुपालन के सत्यापन के बाद, उत्पादन बंद करने के आदेश को रद्द कर दिया गया था।

    ईजी फार्मास्यूटिकल्स, ग्राम मांधाला, तेह कसौली, जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और अनुपालन के सत्यापन के बाद निर्माण रोक आदेश को रद्द कर दिया गया था।

    एथेंस लाइफ साइंसेज, मौजा रामपुर जट्टान, नाहन रोड काला जब जिला सिरमौर 173030 (हिमाचल) को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

    लेबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड (यूनिट-11), राजबन रोड, नारीवाला, पांवटा साहिब (हिमाचल) को चेतावनी जारी की गई और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
    हिमाचल के सोलन में जीएनबी मेडिका लैब को टेबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप (बीटा-लेक्टम), इंजेक्टेबल (लिक्विड इंजेक्शन वापल, एम्पाउल्स और पीएफएस) सेशे और प्रोटीन पाउडर (जनरल सेक्शन) और कारण बताओ नोटिस में निर्माण बंद करने के लिए कहा गया है। जारी करने के साथ- साथ सत्यापन के लिए औषधि निरीक्षकों को अनुपालन भेजा गया। ग्नोसिस फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, नाहन रोड, ग्राम मोगीनंद, काला जब, सिरमौर (हिमाचल) को कॉस्मेटिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए शो कॉज और स्टॉप मैन्युफैक्चरिंग नोटिस दिया गया था।

    फरीदाबाद में पंजीकृत नैस्टर फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड को इस साल 30 जनवरी को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। अनुपालन जमा करने के बाद फर्म का फिर से निरीक्षण किया गया। ड्रम्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के शेड्यूल एम के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों का पालन करने के निर्देश के साथ सख्त चेतावनी दी गई थी।नकली दवाओं के निर्माण से जुड़ी देश भर की फार्मा कंपनियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई अभी भी जारी रहेगी।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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