अल्मोड़ा: सफल ऑपरेशन के बाद रक्तदान कर मरीज की बचाई जान
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने पहले महिला का ऑपरेशन कर अपनी ड्यूटी निभाई। जब उसे खून नहीं मिला तो उसी चिकित्सक ने अपना रक्त देकर उसकी जान बचाई। बीते दिनों जिले के चौसली, लोधिया निवासी 63 वर्षीय जीवंती देवी का कूल्हा में फ्रैक्चर हो गया था। उसे परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसे कूल्हा प्रत्यारोपण की सलाह देकर भर्ती कर लिया। महिला का बीते शुक्रवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके मेहता ने सफल ऑपरेशन कर कूल्हाप्रत्यारोपण किया। बृहस्पतिवार को महिला का हीमोग्लोबिन कम हो गया और खून की जरूरत बताई। तीमारदार खून की व्यवस्था में जुटे रहे। बैंक में भी ए पॉजिटिव रक्त नहीं मिला। हड्डी रोग विशेषज्ञ महिला का उपचार करने पहुंचे तो उन्होंने रक्तदान कर महिला की जान बचाई।
ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त की व्यवस्था करना चुनौती
खून के लिए पूरे जिले के जरूरतमंद मरीजों का दबाव जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर है। यहां से सबसे अधिक मांग मेडिकल कॉलेज में होती है। हर माह औसतन मेडिकल कॉलेज को यहां से 70 यूनिट खून की आपूर्ति हो रही है। इससे एकमात्र ब्लड बैंक पर दबाव बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज में अब तक ब्लड बैंक का संचालन नहीं हो सका है। इससे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ ब्लड बैंक कर्मी भी परेशान हैं।
डॉ. पीके मेहता हड्डी रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल ने बताया कि बीते दिनों महिला का ऑपरेशन हुआथा। अचानक उसे खून की जरूरत पड़ गई। ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव खून उपलब्ध न होने और कोई डोनर न मिलने से उन्होंने महिला को एक यूनिट रक्त दिया। रक्तदान कर जरूरतमंद की जान बचाना सभी की जिम्मेदारी है।
