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    पेपर लीक प्रकरण उत्तराखण्ड के युवाओं के साथ भद्दा मजाक, सीबीआई जांच बेहद आवश्यक-बिट्टू कर्नाटक

    अल्मोड़ा-आज प्रैस को जारी एक बयान में उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि उत्तराखंड में पेपर लीक के नाम पर लाखों युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रकरण प्रदेश सरकार की जीरो टालरेंस नीति पर एक करारा तमाचा भी है।अब इन पेपर लीक प्रकरणों को रोकने/ऐसा दुस्साहस करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और अपराधियों पर लगाम लगाने का एकमात्र उपाय है कि अभी तक लीक हुए सारे पेपरों की सीबीआई जांच कराई जाए।उन्होंने कहा कि जहां एक ओर इन प्रकरणों से हमारा युवा अवसाद में जा रहा है वहीं दूसरी ओर इन परीक्षाओं को कराने में सरकार का करोड़ों रूपया बर्बाद हो रहा है जो कर्ज के बोझ तले उत्तराखंड राज्य के लिए अच्छा नहीं है।


    प्रदेश सरकार इन नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने में फेल साबित हो रही
    कर्नाटक ने कहा कि पहले यूकेएसएसएससी और उसके बाद पटवारी/लेखपाल की परीक्षाओं का पेपर लीक होना स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश सरकार इन नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने में फेल साबित हो रही है।कर्नाटक ने कहा कि आज प्रदेश सरकार की नाकामी के चलते युवा इन नकल माफियाओं के हाथ की कठपुतली बनकर रह चुके हैं जो प्रदेश सरकार के लिए काफी शर्मनाक है।उन्होंने प्रदेश सरकार से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इन तमाम पेपर लीक प्रकरणों की अविलम्ब सीबीआई जांच कराकर दोषियों को दण्डित करने का काम करें ताकि आज के बाद ये नकल माफिया युवाओं के साथ इतना घृणित कृत्य ना कर सकें।इन माफियाओं के लिए सख्त सजा का प्रावधान न होने के कारण इनका साहस बढ़ता जा रहा है।ऐसे सरकारी तंत्र के भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करना व इनकी सम्पत्ति को जब्त करने से कुछ हद तक इन पर लगाम लगायी जा सकती है।मात्र सेवा से निलंबित कर दिया जाना व भविष्य में बहाल कर देना इसका समाधान नहीं है।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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