अल्मोड़ा के एक प्रशासनिक अधिकारी को व्हाट्सएप कॉल के झांसे में आकर गोल्ड माइनिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करना भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने मोटे मुनाफे का लालच देकर अधिकारी से 1.18 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पंतनगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट में तैनात एक अधिकारी को 4 अगस्त को एक अज्ञात महिला ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज भेजकर संपर्क किया। खुद को मुंबई निवासी बताने वाली महिला ने दावा किया कि वह ‘गोल्डन ब्रिज निवेश’ नामक कंपनी से जुड़ी है, जो गोल्ड माइनिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग का ऑनलाइन कारोबार करती है। महिला ने ईमेल आईडी लेकर कंपनी की वेबसाइट पर उनका अकाउंट भी तैयार कर दिया। इसके बाद ठगों ने तेजी से मुनाफा होने का लालच देकर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा। भरोसा जीतने के लिए कस्टमर सर्विस के नाम पर अलग-अलग खातों की जानकारी भेजी जाती थी। झांसे में आकर उन्होंने 4 अगस्त से 29 सितंबर के बीच लाखों रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने धनराशि वापस लेनी चाही तो ठगों ने कहा कि रकम गोल्ड माइनिंग निवेश में लगी है और उसे वापस पाने के लिए 30 प्रतिशत इनकम टैक्स जमा करना होगा। इस पर उन्होंने 4 से 12 अक्तूबर के बीच तीन किस्तों में 37 लाख रुपये से अधिक टैक्स के नाम पर भेज दिए। इसके बाद भी जब राशि नहीं मिली और नए शुल्क मांगने शुरू हुए, तो अधिकारी को ठगी का संदेह हुआ। उनके अनुसार, इसी दौरान उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते में ठगों द्वारा कई संदिग्ध लेनदेन भी किए गए। ठगों ने 4 हजार, 6.24 लाख, 4,320, 1.84 लाख
5.20 लाख रुपये उनके खाते में भेजकर बाद में निवेश के नाम पर वापस ट्रांसफर करा लिए।
उनसे कुल 1.18 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। साइबर क्राइम थाना पंतनगर प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

