जागेश्वर विधायक से विधानसभा में बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की रखी मांग
आपत्तिजनक स्तर तक बढ चुका है बंदरों का आतंक
गोविन्द गोपाल सामाजिक कार्यकर्ता ने दन्या क्षेत्र में बंदरो की समस्या से निजात पाने के संबंध में विधायक मोहन सिंह मेहरा विधान सभा क्षेत्र जागेश्वर को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से, हमारे क्षेत्र के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में बंदरों के चलते खेती-पाती और अन्य व व्यावसायिक कार्यों का सम्पादन बाधित हो रहा है। अब इस समस्या का स्तर पहले की तुलना में, आपत्तिजनक स्तर तक बढ चुका है और बंदरों के द्वारा बच्चों और बूढों को भी भयभीत करने की घटनाऐं हो रही हैं।अब वन और वन्य जीवों की उपेक्षा से जन्मी इस समस्या ने अन्य जंगली जानवरों को भी मानव समाज के साथ सीधी टक्कर में लगाकर खड़ा कर दिया है। इसके चलते पर्वतीय समाज , आज अपने सम्मानित प्रतिनिधियों की ओर समाधान हेतु उन्मुख हुआ है।
कार्यकर्ता ने विधायक से अनुरोध करते हुए कहा कि आप इस सम्बंध में विधानसभा सभा पटल में हमारी चिन्ता,भय व समाधान की पुकार को रखेंगे ताकि सरकार इस सम्बंध में व्यापक जनहित का निर्णय ले सके।
कत्यूर घाटी के बंदर भगाओ जन अभियान की देहरादून में दस्तक
उत्तराखंड की कत्यूर घाटी में विगत एक माह से संचालित जन अभियान बंदर भगाओ खेती बचाओ ने बंदरों के आतंक से निजात हेतु प्रदेश की राजधानी देहरादून में दस्तक दी है। अभियान संचालन समिति द्वारा राज्य के मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी गई ११२ पेज की विस्तृत रिपोर्ट में कत्यूर घाटी के बंदर आतंक की जन शिकायतों व समाधान के सुझावों को संकलित किया गया है।
ज्ञातव्य है कि गरुड़ सिविल सोसाइटी के मार्गदर्शन में गठित जन अभियान समिति ने बीती मकर संक्रांति से कत्यूर घाटी के गांव गांव का भ्रमण कर बंदरों के आतंक पर जन अभिक्रम को मुखरित किया और बीती १० फरवरी को भकुनखोला नुमाइश मैदान बैजनाथ में उमड़ी हजारों ग्रामीण जनता ने लिखित में अपनी शिकायतें व सुझाव दर्ज कराए। समिति ने दस्तावेज की शक्ल में इन सभी को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इस मुद्दे पर नीति निर्माण हेतु शासन मे पेशबंदी की है।
अभियान समिति के संरक्षक अधिवक्ता डी के जोशी, संयोजक हरीश जोशी सलाहकार नंदा बल्लभ पंत,अध्यक्ष रवि बिष्ट, दन्या अल्मोड़ा के इंजीo गोविंद गोपाल व शिरीष कुमार ने प्रदेश के मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी से पी एम जी एस वाई के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट विधायक पार्वती दास,सुरेश गड़िया की मौजूदगी में मुलाकात कर ड्राफ्ट सौंपा है। मुख्य मंत्री ने राज्य के सचिव वन आर के सुधांशु को रिपोर्ट के अध्ययन हेतु निर्देशित कर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं,उम्मीद की जा रही है कि इस पेशबंदी के बाद राज्य में बंदरों के आतंक से निजात हेतु कोई ठोस नीति आधार ले सकेगी।
जन अभियान समिति ने चिंता जताई है कि पहाड़ों में खेती चौपट होने से सामाजिक आर्थिक व्यवस्था और दिनचर्या चौपट होकर रह गई है।समय रहते समाधान के उपाय नही तलाशे गए तो आने वाले समय में कटखने बंदरों का आतंक और अधिक चरम पर होगा,इस भयावह स्थिति से निपटने हेतु समय रहते अभी से सार्थक पहल करनी होगी।
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