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बच्चों में नवाचार व खोज आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

अल्मोड़ा: विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आई०आर०आई०एस०ई० कार्यक्रम के अंतर्गत दिया जा रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण

अल्मोड़ा, भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तराखंड एवं भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे एसटीईएम के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से राज्य के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आई०आर०आई०एस०ई० कार्यक्रम अन्तर्गत तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में दिया जा रहा है।

आई आर आई एस ई कार्यक्रम के चार चरण हैं। परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग – भारत सरकार, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, ब्रिटिश काउंसिल, और टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।

प्रथम चरण में प्रशिक्षित शिक्षकों में से कुछ शिक्षकों का चयन उनके कक्षा में की गयी गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा जो दूसरे चरण के तहत दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे में प्राप्त करेंगे।

अल्मोड़ा , पिथौरागढ़, और बागेश्वर जिले के 52 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण

दस दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को इनोवेशन चैम्पियन के नाम से जाना जाएगा एवं उसके बाद तीसरा चरण शुरू होगा जिसमे सभी इनोवेशन चैम्पियन अपने सम्बन्धित जिले में कैसकेड कार्यशाला का आयोजन करेंगे ।

इस कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों को एक किट भी उपलब्ध करायी जाएगा जो विद्यालय में गतिविधि कराने हेतु शिक्षकों के लिए काफी मददगार साबित होगा ।इसी क्रम में जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा , पिथौरागढ़, और बागेश्वर जिले के 52 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संचालित किया गया। शिक्षकों और छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हुए राज्य के विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड्स मानक में ज्यादा से ज्यादा पंजीकृत कराना है जो कि देश के बच्चों को नवाचार में बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई है ।

बच्चों को आस -पास के परिवेश से जोड़कर दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने , पूछताछ और गतिविधि आधारित तथा विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक बना कर बच्चों तक पहुँचाने पर चर्चा की गई। महाराष्ट्र और बिहार के बाद उत्तराखंड तीसरा राज्य है जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई ।कार्यक्रम में डाइट अल्मोड़ा कार्यक्रम समन्वयक गोपाल गिरी गोस्वामी, सह समन्वयक ललित मोहन पांडे, डॉ0 प्रकाश पंत , डॉ0 बी0सी0 पांडेय,बागेश्वर से डॉ0मनोज कुमार पांडे , डॉ0 बी. डी. पांडे, पिथौरागढ़ से डॉ0 गोविंद सिंह धपोला,आई आई एस ई आर पुणे से श्रद्धा भूरखुंडे, प्रज्ञा पुजारी, जाहिदा शेख, मोहम्मद तकी, राहुल अयर, उपस्थिति रहे।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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