अल्मोड़ा: वैकल्पिक बजट प्रस्ताव को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन : alternate budget proposal
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ,(मार्क्सवादी )जिला कमेटी अल्मोड़ा ने राष्ट्रीय अभियान के तहत केंद्र सरकार के जन विरोधी बजट के विरुद्ध वामपंथी पार्टियों के वैकल्पिक बजट प्रस्ताव के संबंध में जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया ।ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार का संघीय बजट 2025 26 आम जनता की फौरी तथा बुनियादी जरूरत के साथ विश्वास घात है। बढ़ती बेरोजगारी और सिकुड़ती मजदूरियों के चलते जनता की क्रय शक्ति धराशाई हुई है ।जनता की कमजोर क्रय शक्ति के कारण मांग के अभाव में अर्थव्यवस्था में भारी सुस्ती है। धन कुबेरों तथा बड़े कॉर्पोरेट घराना पर कर लगाने के ज़रिए संसाधन जुटाते हुए सार्वजनिक निवेशों का विस्तार किया जाना चाहिए था जिस से रोजगार पैदा करने में तथा लोगों के लिए न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने में मदद मिलती इससे जनता के हाथों में क्रय शक्ति के बरने से अर्थव्यवस्था में मांग की समस्या को हल किया जाता किंतु सरकार सार्वजनिक खर्च में कटौति कर अमीरों को रियायत देने के जरिए ही अर्थव्यवस्था को उत्प्रेरित करने की दवा सपन देख रही है। ज्ञापन में कहा कि यह बजट निजी निवेश को बढ़ावा देने सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र की च।करी में लगाने और बिजली क्षेत्र का निजीकरण करने आदि के जरिए धन कुबेरों तथा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को संपदा के संचय को बढ़ावा देता है केंद्र सरकार के इस जन् विरोधी बजट के खिलाफ हम यह मांग करते हैं कि १ देश के 200 डॉलर अरबपतियों पर चार प्रतिशत संपदा कर लगाया जाए तथा कारपोरेट टैक्स बढ़ाया जाए ।२ कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए और नेशनल पॉलिसी फ्रेमवर्क ऑन एग्रीकल्चर मार्केटिंग के मसौदे को वापस लिया जाय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के निजीकरण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के राष्ट्रीय मोनेटाइजेशन पाईप लाइन के जरिए निजी क्षेत्र के हवाले किए जाने की रोका जाए बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश को वापस लिया जाए । ४ मनरेगा की आवंटन में 50 फ़ीसदी बढ़ोतरी की जाए शहरी रोजगार गारंटी कानून लाया जाए वृद्धावस्था पेंशनों तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए केंद्र से प्रावधान को बढ़ाया जाए। ५ स्वास्थ्य के लिए आवंटन बढ़।कर जीडीपी का तीन फ़ीसदी और शिक्षा के लिए आवंटन जीडीपी का 6 फ़ीसदी किया जाए। ६ खाद्य सब्सिडी बढ़ाओ ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जा सके ७ अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति सेक्टर के लिए और महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाए जिसमें आई,सी,डी,एस के लिए आवंटन बढ़ाना भी शामिल है। योजना कर्मियों के मानदेय में केंद्र का हिस्सा बढ़ाया जाए । 8 राज्यों के लिए फंड के हस्तांतरण और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए फंड में उल्लेखनीय रूप से बढ़ोतरी की जाए पेट्रोलियम उत्पादों पर उन करो तथा सरचार्जो को निरस्त किया जाए जो राज्यों के साथ बंटवारे के लिए विभाजित पूल में नहीं आते आता : महामहिम से अनुरोध है कि वामपंथी पार्टियों के उपरोक्त वैकल्पिक बजट प्रस्ताव का संज्ञान देते हुए व्यापक जनहित में उक्त वैकल्पिक बजट प्रस्तावों को वित्त वि विधयक में शामिल किए जाने हेतु केंद्र सरकार को निर्देशित /आदेशित करने की कृपा कीजिएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में जनवादी महिला समिति भारत की जनवादी नौजवान सभा किसान सभा c I t u के साथी मौजूद थे।
This post was published on 21/02/2025 2:03 AM