• Sat. Mar 21st, 2026

    SSJ यूनिवर्सिटी और जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के बीच MoU हस्ताक्षर हुए

    जंतु विज्ञान के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

    सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय SSJU और जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया,कोलकाता के बीच शोध एवं शैक्षिक गतिविधियों को लेकर एमओयू हस्ताक्षर हो गए हैं। एमओयू में विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने हस्ताक्षर किये और जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय प्राणी सर्वेक्षण की पहली निदेशक डॉ धृति बनर्जी ने किए। इस समझौता ज्ञापन में विश्वविद्यालय की ओर से वित्त अधिकारी अमित त्रिपाठी और ZSI की ओर से डॉ गुरुपद मंडल (कार्यालय प्रमुख, कोलकाता) ने गवाह रूप में हस्ताक्षर किए। एमओयू के हस्ताक्षर होने पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुप्रतीक्षित MoU है। इसके होने से हमारे विद्यार्थी जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया,कोलकाता के ईटानगर, जोधपुर, उड़ीसा, हैदराबाद, पटना, सोलन, चेन्नई, देहरादून, शिलौंग, पुणे, कलकत्ता, कालीकट आदि 16 स्थित संस्थानों/केंद्रों पर जाकर जंतु विज्ञान से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोध कर सकते हैं। हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुभवों का लाभ मिलेगा। हमारे विद्यार्थियों, शोधछात्रों, प्राध्यापकों को जंतु विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों से परिचय प्राप्त होगा। MoU होने से पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों का शोध निर्देशक मिलेंगे और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ मिलेगा।जंतुविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप कुमार ने कहा जंतु विज्ञान के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के साथ-साथ MoU हस्ताक्षर होने से विभाग और विषय के सभी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। विद्यार्थी प्रदेश में जंतुविज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान कर नए जीवों एवं कीटों को प्रकाश में लाएंगे, शोध में गुणवत्ता आएगी। विद्यार्थियों द्वारा खोजे गए कीटों को जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के म्यूज़ियम में संरक्षित हो पाएंगे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *