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अल्मोड़ा: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में नई शिक्षा नीति पर आधारित तीन दिवसीय क्रियात्मक शोध कार्यशाला का आयोजन

82 शिक्षकों ने किया प्रतिभाग

अल्मोड़ा, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में नई शिक्षा नीति 2020 पर आधारित तीन दिवसीय क्रियात्मक शोध कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिसमें कार्यशाला का उद्घाटन डाइट के प्राचार्य गोपाल गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि क्रियात्मक शोध के माध्यम से कक्षा के ज्ञान को बाहरी ज्ञान से जोड़ा जा सकता है।

कार्यशाला का समापन मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्तकर्ता उमेश चन्द्र पांडे ने कहा कि शिक्षकों को नामांकन व गुणवत्ता हेतु मनोयोग से कार्य करने तथा नवीन इनोवेशन पर कार्य करने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में विभिन्न विधाओं व तथ्यपरक खोजों के माध्यम से शिक्षकों का मार्गदर्शन कर प्रोत्साहित किया गया। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना ने कहा कि शिक्षकों को कार्यक्षेत्र मे़ आने वाली सयस्याओं का सामना समुदाय से सहयोग प्राप्त करे। शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की पूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की है। कक्षा कक्ष में छात्रों के गणितीय दक्षता में निपुणता के लिए अबेकस के माध्यम से अभ्यास कराए जाने की आवश्यकता है।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी शिक्षकों को दी गयी। साथ ही विषम भौगोलिक परिस्थितियों में शैक्षिक संवर्धन के लिए आगे आने पर बल दिया

कार्यक्रम प्रभारी गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि तात्कालिक समस्याओं के समाधान के लिए क्रियात्मक शोध आवश्यक है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के आधार पर कक्षा 3,5,8 में न्यून संप्राप्ति वाले संबोधो पर शिक्षकों द्वारा क्रियात्मक शोध किया जा रहा है।

निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 2026 -27 तक प्रत्येक बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की दक्षता प्राप्त करना अनिवार्य है।

डाइट प्रवक्ता ललित मोहन पांडे ने कहा कि कक्षा कक्ष के ज्ञान को बाहरी ज्ञान से जोड़ा जाए। अशोक बनकोटी ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए दृढ़ संकल्पित होकर आगे आये।

इस दौरान प्राचार्य जी०जी० गोस्वामी, मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना, कार्यक्रम प्रभारी गोपाल सिंह गैड़ा, ललित मोहन पांडे, डॉक्टर पी. सी. पंत , बी .सी .पांडे, , एम एस भंडारी, डॉ एच. सी. जोशी, उमेश चन्द्र पाण्डे, दीपक पाण्डेय आदि उपस्थित थे। एक्शन रिसर्च कार्यशाला में 11 विकासखंड के 82 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।समापन कार्यक्रम का संचालन जी. एस.गैड़ा द्वारा किया गया।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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