अल्मोड़ा: सेराघाट में जोरों-शोरो से चल रही उत्तरायणी मेला की तैयारी
एक दिवसीय मेला सेराघाट की तैयारी जोर शोर से चल रही है। दूसरी तरफ सेराघाट बीड़ा महादेव मंदिर सेराघाट में दो दिवसीय विशाल मेला की तैयारी भी जोर सोर से चल रही है ये मेला एक दिवसीय व्यापार मंडल की तरफ से होगा।जो प्राचीन मेला है व दो दिवसीय बीड़ा महादेव मंदिर सेराघाट के सरियू नदी व जंगल नदी के संगम में होगा हर साल की तरह इस बार भी दो दिवसीय मेला जो 16, जनवरी को सम्पन्न होगा।
अल्मोड़ा – सरयू नदी व जैगन नदी के संगम के सेराघाट में प्राचीन बीड़ा महादेव मंदिर में बरसों से मकरसंक्रांति का मेला होते आ रहा है। पहले यह मेला सेराघाट मार्केट के पुल पार व पुल वार में होता था।उस समय बाजार में उत्पात करने की वजह से मेले दिक्कतें आने लगी।
बाद में सेराघाट बीड़ा महादेव मंदिर की कमेटी ने इस सेराघाट मेले को सरयू नदी के तट पर बीड़ा महादेव के प्रांगण में मनाने के लिए संकल्प लिया जो यह मेला दस सालों से महादेव की शक्ति से शान्ति पूर्वक होते आ रहा है।यह दो दिवसीय मेले में क्षेत्रीय दुकानदार ही नहीं अलग-अलग जिलों के दुकानदार व अलग-अलग जिलों से लोकलाकर अपने अपने स्तर से प्रतिभाग करते आ रहे हैं।
यह मेला बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा के सीमांत एरिया के 160से 170गांवो का मेला है।इस बार सेराघाट व्यापार मंडल ने दस साल बीत जाने के बाद इस मेले को सेराघाट मार्केट में एक दिवसीय मेला मनाने के लिए शासन प्रशासन से शान्ति पूर्वक मेले के लिए गुहार लगाकर मेला मनाने के लिए अवगत कराया गया।इधर बीड़ा महादेव मंदिर की कमेटी हर साल दो दिवसीय बिशाल मेला बीड़ा महादेव मंदिर के प्रांगण व सरयू नदी के तट करने के लिए तैयारी जोर जोर से चल रही है। व्यापार मंडल सेराघाट की तरफ से एक दिवसीय मेला का आयोजन किया जा रहा है।इधर बिगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी सेराघाट बीड़ा महादेव मंदिर में अलग-अलग लोकलाकरों के द्वारा व इस बार कुमाऊं कल्चर में पिछौडा व नाख में नथ की भेष-भूषा में झोड़ा चांचरी का भी कार्यक्रम रखा गया है। सेराघाट मेला अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के सीमांत एरिया के 160से 170गावो का एक ऐतिहासिक प्राचीन मेला है जो बागेश्वर के बाद दूसरे नं पर माना जाता है।
