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    अल्मोड़ा: अतिक्रमण चिह्नीकरण के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंची महिलाएं

    डीएम को ज्ञापन सौंप प्रशासन की कार्रवाई रोकने की उठाई मांग

    अल्मोड़ा। बीते कई दिनों से अल्मोड़ा में अतिक्रमण की कार्रवाई का विरोध ज़ारी है।

    अतिक्रमण की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों और ‘स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अतिक्रमण चिह्नीकरण के विरोध में महिलाओं और अन्य लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंच डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की चिह्नीकरण की कार्रवाई के आदेश को वापस लेने की मांग उठाई। जल्द आदेश वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

    लोगों के हितों की अनदेखी का आरोप

    मंगलवार को धारानीला क्षेत्र के निवासी अतिक्रमण चिह्नीकरण की कार्रवाई के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंचे इससे पहले उन्होंने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अतिक्रमण की कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की विषय भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार लोनिवि ने नियम के विरूद्ध तरीके से मकानों में निशाल लगाकर अतिक्रमण चिह्नीकरण की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि 57 साल बाद अतिक्रमण चिह्नीकरण की कार्रवाई किया जाना न ही विधि सम्मत है और न ही व्यवहारिक है ।

    कहा कि लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर भवनों का निर्माण किया है। कहा कि वर्तमान में करबला से सिकुड़ा बैड तक सड़क के दोनों किनारों के भवनों में चिह्नीकरण किया गया है।

    अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर लोगों ने शासन-प्रशासन पर आम जनता को परेशान करने का आरोप, लगाया। लोगों ने कहा कि पहले से ही लोग पहाड़ों से पलायन कर रहे हैं। बेरोजगारी के चलते गांव-गांव खाली हो गए हैं। अब अतिक्रमण की कार्रवाई के नाम पर शासन प्रशासन लोगों को बेघर और बेरोजगार कर रहा है।

    वहीं उत्तराखंड लोक वाहनी ने सरकार पर पहाड़ों में अतिक्रमण के नाम पर लोगों को उजाड़ने का आरोप लगाया है। उलोवा के प्रवक्ता डॉ. दया कृष्ण कांडपाल का कहना है कि बीते चुनाव में राज्य के मैदानी जनपदों में 20 फीसदी मतदाता बढ़ गये है। कहा कि बढ़े हुए ये मतदाता प्रदेश के हैं या बाहरी, इसकी जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों के ऊपर अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई गलत है।

    ये लोग रहे मौजूद

    डीएम को ज्ञापन सौंपने और वार्ता करने वालों में गिरीश खोलिया, विनय किरौला, मनोज सनवाल, अधिवक्ता आजाद खान, मनोहर लाल, अजित कुमार, कवींद्र पांडेय, विनोद तिवारी, योगेश तिवारी कुमुद जोशी, आनंद सतवाल, शेखर जोशी, मनीष पांडे, दीपक डालाकोटी, बालम बोरा, हरीश बनौला, हरीश धानिक, प्रेमा कोठारी, दीपा मेहरा समेत कई लोग मौजूद रहे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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