20 जनवरी को युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल एडीएम से मिला और ज्ञापन प्रेषित किया। जिसमें पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बागेश्वर एवं समाजसेवी बालकृष्ण व ग्राम प्रधान जगदीश सिंह बाफिला को झूठे मुकदमे में फसाने को वापस लेने हेतु ज्ञापन दिया।
‘ बालकृष्ण जी जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ एक सच्चे समाज सेवी हैं उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा में समर्पित किया है एवं जगदीश सिंह बाफिला एक सम्मानित पद पर विराजमान है खड़िया माइंस के प्रबंधक राजपाल लेघा (अपर निदेशक) के षड्यंत्र के द्वारा उन्हें गलत धाराओं में फंसा कर गरीब जनता की आवाज को धनबल, बाहुबल व षड्यंत्र के द्वारा बंद किया जा रहा है बाल कृष्ण ग्राम प्रधान व कुछ ग्रामीणों द्वारा अपनी जुनूनी समस्या के लिए धरना प्रदर्शन किया रिपोर्टो द्वारा यह कहा गया कि प्रशासन की मौजूदगी में गाली गलौज जान से मारने की धमकी व दो लाख की धनराशि मांगी गई क्या अगर प्रशासन के आगे यह सब हुआ तो उसी समय प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी, जबकि खड़िया माइन से लगभग 200 मीटर के अंतर्गत रीमा चौकी है रीमा चौकी में रिपोर्ट दर्ज ना कर लगभग चौथे दिन 60 किलोमीटर दूर कपकोट थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है जबकि केवी माइंस एंड मिनरल्स मैं कुछ वर्ष पहले दो सगे नाबालिक बच्चों की मृत्यु हुई थी जिसमें बालकृष्ण जी ने उनके न्याय के लिए आमरण अनशन किया था। पूर्व जिलाधिकारी श्री विनीत कुमार जी द्वारा इसी माइंस की अनियमितता को देखते हुए 47 लाख का जुर्माना लगाया था।
अगर फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया व इस मामले में सीबीआई जांच नहीं हुई तो समस्त क्षेत्रवासी विशाल जनाक्रोश रैली निकालकर आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर रहेंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की रहेगी’।
ज्ञापन देने में सुधीर कुमार, ललित सिंह खोलिया, अशोक सिंह, मनोज कुमार, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ललित कुमार राकेश सिंह, दीपक व सूरज आदि इत्यादि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि खड़िया खान प्रबंधक से गालीगलौज करने और रंगदारी मांगने के आरोप में कपकोट पुलिस ने समाजसेवी बालकृष्ण व ग्राम प्रधान जगदीश सिंह बाफिलाके खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को उनके खान में विभागीय निरीक्षण चल रहा था। इसी दौरान बाफिला गांव का ग्राम प्रधान जगदीश सिंह बाफिला और बालकृष्ण कुछ लोगों को साथ लेकर उनकी खान में आए और खनन बंद करने को कहने लगे। इन लोगों ने वहां आकर गालीगलौज और नारेबाजी भी की और दो लाख रुपये की मांग करने लगे। दो लाख रुपये नहीं देेने खनन नहीं करने की चेेतावनी भी दी गई थी।
