Dehradun : अंकिता भंडारी की हत्या (Ankita Murder Case) के मामले की संगीनता को देखते हुए अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा परिजनों को 25 लाख रुपय की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई हैं और साथ ही मुख्यमंत्री धामी द्वारा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के भी निर्देश दिए गए हैं। वही मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में अंकिता को तुरंत न्याय दिलाने के लिए इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर उत्तराखंड में ही नहीं बल्की देश के कई इलाकों में भी गर्मागर्मी का माहोल बना हुआ है। ऋषिकेश के गंगाभोगपुर के वनंत्रा रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही अंकिता को रिसॉर्ट के मालिक पुलकित समेत 3 लोगों ने मौत के घाट उतार दिया था।

जब परिजनों की बात अंकिता से नही हो पाई तो उसकी खोजबीन की गई, जिसके बाद परिजनों द्वारा करीबन 4 दिनों तक भागा दौड़ी करने के बाद ये मामला लक्ष्मण झूला पुलिस को सौंपा गया और फिर पता चला कि अंकिता गायब नहीं हुई है, बल्की उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद से तो ये मामला इतना गर्माया कि बीजेपी के पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या को बक्षा ही नहीं गया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा ये आश्वासन दिया गया है कि राज्य सरकार अंकिता भंडारी के परिजनों को हर संभव सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही सीएम धामी द्वारा ये भी आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। वहीं इस केस (Ankita Murder Case) से जुड़े हर तत्थ की सही तरीके से जांच कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। आपको बता दें कि अंकिता की हत्या के मामले को एसआईटी को सौंप दिया गया है, जिससे की इस केस की निष्पक्ष जांच हो सके।
