बागेश्वर जिले के बोहल्ला ग्राम पंचायत में बिरुण पंचमी सातों -आठो का महोत्सव दो दिवसीय मेले के तौर पर हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। धूराफाट पट्टी में बिरुण पंचमी सातों -आठो का महोत्सव हर गांव में गवरा देवी व महेश की मुर्तियां बनाकर श्रंगार करके मां गवरा देवी व महेश को बिरुण चढाकर महिलाएं अपना वर्त तोड़कर सातों के दिन व आठों के दिन मां गवरा देवी व महेश को खूब नचाया जाता है। कुमाऊं के संस्कृति में लोकगीत झोड़ा चांचरी गाते हुए अपने ईष्ट देवी देवताओं के मंदिर में विसर्जन किया जाता है।

परन्तु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व महिला समूह के द्वारा बोहल्ला गांव में लंबे समय से सातों -आठो का महोत्सव दो दिवसीय मेले के तौर पर मनाया जाता है। सातों के दिन ये मेला शुरू होता अष्टमी तक चलता है।इस साल भी अलग-अलग क्षेत्रीय लोककलाकारों के द्बारा अलग अलग प्रकार के लोकगीत व लोकनृत्य के साथ बोहल्ला में दो दिवसीय सातों -आठो का मेला बड़ी धूमधाम से मनाया गया।इस मेले में जिला पंचायत सदस्य, चन्दन रावत, युवा नेता नरेंद्र सिंह रावत, ग्राम प्रधान पूरन सिंह, उपप्रधान प्रेम राम,मंडल अध्यक्ष अशोक बिष्ट, क्षेत्रीय पंचायत सदस्य मोहन राम आदि गांवों के महिला समूह,व क्षेत्रीय जनता का बढ़-चढ़कर सहयोग मिलता है। बागेश्वर जिले के धूराफाट पट्टी में सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले से बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जाने की प्रथा है।

