यदि लोग चाहे तो वह गौ माता की सेवा गौ माता के लिए भोजन की व्यवस्था करके भी कर सकते हैं
अल्मोड़ा। आज पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने चंपानौला स्थित कामिनी कश्यप की गौशाला का भ्रमण कर गौ सेवा में अपना योगदान दिया एवं सभी से निवेदन भी किया कि गौ सेवा में अपनी सामर्थ्य के अनुसार जितना भी हो सके सहयोग करें।
कामिनी कश्यप एक बेहद ही इंसानियत भरा एवं पुण्य काम कर रही हैं – कर्नाटक
विदित हो कि समाजसेवी, पशु प्रेमी कामिनी कश्यप लंबे समय से अपने निवास में गौ सदन का संचालन करते आ रही हैं। उनके गौ सदन में लोगों द्वारा छोड़ी गई गौ माताओं को रखा जाता है। वर्षों से उनके द्वारा अपने गौ सदन के माध्यम से गौ माताओं की सेवा की जा रही है।इस समय उनके गौ सदन में 35 गौ माता है।गौ सदन में गौ सेवा के दौरान कर्नाटक ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में जब हरीश रावत जी मुख्यमंत्री थे तब उनके द्वारा इस गौ सदन के लिए गौ सेवा हेतु आर्थिक सहयोग किया गया था।
गौ सेवा में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सभी दे योगदान-बिट्टू कर्नाटक
कर्नाटक ने कहा कि गाय को हम अपनी माता मानते हैं।अतः हमारा दायित्व है कि हम लोग अपनी सामर्थ्य अनुसार जितना भी जिससे हो सके गौ सेवा में अपना सहयोग प्रदान करें।उन्होंने कहा कि कामिनी कश्यप एक बेहद ही इंसानियत भरा एवं पुण्य काम कर रही हैं।इसमें समाज के सभी लोगों को अपना योगदान देना चाहिए।चाहे वह योगदान शारीरिक रूप से हो या आर्थिक रूप से।उन्होंने कहा कि यदि लोग चाहे तो वह गौ माता की सेवा गौ माता के लिए भोजन की व्यवस्था करके भी कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि हमारे सनातन धर्म में गौ माता को बहुत ऊंचा दर्जा प्रदान है।आज कई लोग सड़कों पर बूढ़ी हो चुकी गौ माताओं को ऐसे ही भटकने के लिए छोड़ देते हैं जो कि काफी शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि कामिनी कश्यप जैसे लोग इन गायों को सड़कों से उठाकर अपने गौ सदन में लाते हैं।आज समाज को ऐसे लोगों से सीख लेने की जरूरत है।उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि सभी गौ माता की सेवा में आगे आए एवं जिससे जितना बन पड़े गौ माता की सेवा में अपना योगदान दें।
This post was published on 29/04/2023 11:25 AM