अल्मोड़ा में एनटीडी-धारानौला मार्ग पर उदय शंकर नाट्य अकादमी के पास फलसीमा बैंड के पास एक सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई। जब सड़क किनारे सेल्फी ले रहे दंपति को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस टक्कर में स्कूटी के पास खड़ी महिला खाई में जा गिरी। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
महिला की मौत
मिली जानकारी के अनुसार फलसीमा बैंड के पास एक अज्ञात वाहन ने स्कूटी को टक्कर मार दी। मुख्यालय के सरार्फा दुकान में काम करने वाले मुल रूप से कोलकता निवासी अब्दुल मलिक मंडल अपनी पत्नी रफीका व गरुड़ निवासी अपने दोस्त उद्दीन शेख के परिवार के साथ घूमने निकले थे। देर शाम दोनों दोस्तों के परिवार उदय शंकर नाट्य अकादमी के पास पहुंचे। यह लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा कर सेल्फी ले रहे थे। तभी एक अज्ञात वाहन ने अब्दुल मलिक मंडल की पत्नी रफीका बेगम को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी समेत रफीका बेगम गहरी खाई में गिर गई। जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब एक घंटे भर बाद खाई में गिरी महिला को बाहर निकाला गया। जिसके बाद महिला को 108 के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य लोगों को हल्की चोटे आई है । साथ ही, मैक्स वाहन और चालक की तलाश में पुलिस टीम जुट गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से हुगली (कोलकाता) निवासी वापी मंडल उर्फ अब्दुल मलिक मंडल (45) और उनकी पत्नी रफीका बेगम (30) अपने रिश्तेदारों के साथ गरुड़ से अल्मोड़ा घूमने आए थे। शाम के समय यह दंपति फलसीमा की ओर घूमने निकले थे और उदयशंकर अकादमी के पास सड़क किनारे खड़े होकर फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे खड़ी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
चीड़ के पेड़ में अटके मिले पति
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार दंपति सीधे खाई में जा गिरे। रफीका बेगम की दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके पति वापी मंडल को सौभाग्य से एक चीड़ के पेड़ में अटके हुए पाया गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और घायल वापी मंडल को इलाज के लिए बेस अस्पताल भेजा। पुलिस अब उस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में गहन जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थान पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है और एक डेंजर पॉइंट बन चुका है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन द्वारा यहाँ सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से इस खतरनाक मोड़ पर तुरंत क्रैश बैरियर लगाने और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अल्मोड़ा पुलिस ने जल्द ही अज्ञात वाहन को पकड़ने का आश्वासन दिया है।

