दिल्ली कोचिंग हादसे की जांच CBI को सौंपी
ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी और दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच पर फटकार लगाई। अदालत ने एमसीडी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे और कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सीवेज सिस्टम की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाए।दिल्ली हाई कोर्ट ने ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे की जांच सीबीआई को सौंपी।कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच पर नाराजगी जताई और फटकार लगाई।
एमसीडी के वकील ने बताया कि कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई जारी है।हाई कोर्ट ने एमसीडी को सीवेज सिस्टम की जांच वैज्ञानिक तरीके से करने के निर्देश दिए।सुनवाई के दौरान एमसीडी कमिश्नर और स्थानीय डीसीपी कोर्ट में उपस्थित रहे।कोर्ट ने पूछा कि हादसे में जिम्मेदार लोगों की पहचान की गई या नहीं।कोर्ट ने सवाल किया कि बच्चों को बेसमेंट में क्यों रखा गया।हादसे के समय लाइब्रेरियन के भागने और दरवाजे न खोल पाने के कारण बच्चों की मौत हुई।हाई कोर्ट ने पुलिस को एमसीडी के दफ्तर से जरूरी फाइलें जब्त करने के आदेश दिए।अदालत ने निर्दोष व्यक्ति की गिरफ्तारी पर भी पुलिस को फटकार लगाई और माफी मांगने को कहा।
दिल्ली में कोचिंग सेंटर्स ने लाइब्रेरी फीस दोगुनी
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी संचालकों पर सरकार और एजेंसियों की कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। हाल ही में हुए हादसे के बाद भी पुस्तकालयों ने अपनी फीस में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना प्रदर्शन जारी है, लेकिन परीक्षा की तैयारी में लगे छात्रों के लिए समस्या और गंभीर हो गई है।
