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प्राकृतिक जल स्रोतों के बचाव एवम संरक्षण के सन्दर्भ में विद्यालयों की भूमिका पर विचार विमर्श/बैठक आयोजित।


अल्मोडा : ग्रीन हिल्स संस्था द्वारा कल शनिवार को पर्यावरण संरक्षण एवम अल्मोड़ा में प्राकृतिक जल स्रोतों के बचाव एवम संरक्षण के सन्दर्भ में विद्यालयों की भूमिका को देखते हुए अल्मोड़ा के प्रमुखों /प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में विचार विमर्श किया गया| सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश मल्होत्रा जी ने कार्यक्रम की समूर्ण पृष्ठभूमि रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि जल ही जीवन है इसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी बनती है| उन्होंने कहा की शिक्षकों द्वारा जल संरक्षण सम्बन्धी सुझाव प्रस्तुत किये जाने चाहिए व् आने वाली पीढ़ी को विद्यालय के माध्यम से ही पर्यावरण से जोड़ा जा सकता है| कार्यक्रम में पारंपरिक जल सस्रोतों एवं जल संरक्षण एवं जल आपूर्ति की भी बात करी गयी तथा प्राकृतिक जल स्रोतों की दयनीय स्तिथि व सूख रहे जल स्रोतों के पुनर्जनन की जरूरत पर विशेष ध्यान दिया गया|
लर्निंग सर्कल की संस्थापिका वंशिका ने इस बात पर जोर दिया कि हमें ‘बच्चों के अन्दर डर नहीं उत्सुकता जगानी है, विरासत में हम उन्हें डर न दे कर स्वस्थ पर्यावरण दें’| स्थानीय जल स्रोतों (नौले, धारे)के भ्रमण तथा भूमिगत जल भंडार प्रक्रिया पर पाठ्य योजना तैयार करने सम्बंधित उनका सुझाव सराहनीय है|
जी जी आई सी की प्रधानाध्यापिका द्वारा कहा गया की स्कूलों द्वारा की जा रही पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता की प्रक्रिया को लोगों द्वारा भी अपनाया जाना चाहिए| इसके द्वारा ही हम पर्यावरण को पूर्ण रूप से संरक्षित कर सकते हैं|
शारदा पब्लिक स्कूल की प्रतिनिधी राधा चिल्वाल द्वारा दिया गया सुझाव था कि ‘बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति आकर्षण बढ़ने के लिए समय समय पर पिकनिक आदि का आयोजन करके जल स्र्रोतों का भ्रमण कराया जाना चाहिए एवं कूड़ा निस्तारण की जानकारी दी जानी चाहिए’|
मानस पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य कमल बिष्ट जी द्वारा ग्रीन हिल्स द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सराहा गया तथा भविष्य में पर्यावरण सम्बन्धी आयोजनों में पूर्ण सहयोग दिया जायेगा कथन के साथ ‘हमें काम से भागना नहीं, हमें काम के लिए आगे आना चाहिए’ पर विचार दिए गए|
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो जे एस रावत जी द्वारा जल संरक्षण के लिए ‘रिचार्ज जोन पर कार्य करने एवं वर्षा जल को संरक्षित कर नदियों तक पहुँचाने के लिए यांत्रिक विधियों के प्रयोग पर विचार दिया गया|
ग्रीन हिल्स संता की डा वसुधा पन्त द्वारा हर विद्यालय में एनवायरनमेंट स्टूडेंट एम्बेसेडर तथा एनवायरनमेंट प्रोटेक्टर (टीचर्स) बनाने का सुझाव दिया गया| उन्होंने इस बात पर जोर दिया की सिंगल उसे प्लास्टिक को कल्लेक्ट कराकर बच्चों से वेस्ट प्लास्टिक बोतलों में भरवाकर बग्गेचों आदि में प्रयोग किया जा सकता है इससे इधर उधर फैलने वाले पोलिथीन में भी कमी आएगी और साथ ही वेस्ट सेगरिगेट करने की आदत बनेगी| सवाल नदी के संरक्षण के लिए ग्रीन हिल्स की प्रतिबद्धता पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा की शीघ्र ही जन मानस को जोड़ने के लिए स्वाल नदी यात्रा आयोजित की जायेगी|
कार्यक्रम में अन्य विद्यालय प्रतिनिधियों के साथ ग्रीन हिल्स की प्रीती पांडे, बबीता, दीपक जोशी, मंजू, ऋतू, दीपक, बबीता, रंजन आदि उपस्तिथ थे|

By D S Sijwali

Work on Mass Media since 2002 ........

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