उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने बताया कि राज्य में बिजली की मांग उपलब्ध मांग से अधिक है।
यूपीसीएल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की मांग 2400 मेगावाट प्रतिदिन है जबकि राज्य के अपने संसाधनों से केवल 500 मेगावाट ही उपलब्ध है। “शेष 1900 मेगावॉट बिजली एनर्जी एक्सचेंज से जुटाई जा रही है। बिजली संकट को देखते हुए यूपीसीएल भी बिजली कटौती से जूझ रहा है।”
बिजली की मांग की जानकारी देते हुए राज्य की ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा, ‘पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र से अतिरिक्त बिजली का समर्थन जारी रखने का अनुरोध करने के साथ ही बाजार से अल्पकालीन निविदा के माध्यम से अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जाएगी।
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