सफलता कोई संयोग नहीं है, यह कठिन परिश्रम, दृढ़ता, सीखना ,पढ़ाई , बलिदान और सबसे ज्यादा, आप जो भी कर रहें हैं, या सीख रहे हैं, उसे प्यार करना है।
इसका उद्धरण हल्द्वानी के उचापुल निवासी जगदीश चंद्र लोहनी और सरोज लोहनी साक्षात रूप से दर्शाते है , इनके पुत्र हर्षित लोहानी आज भारतीय वायुसेना में फ्लाईंग ऑफिसर बन अपने माता पिता के साथ ही पूरे क्षेत्र का नाम ऊंचा कर दिया है।
बचपन से ही मेधावी रहे
बचपन से ही मेधावी रहे हर्षित द्वारा एयर फोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बनने के पीछे अपने माता पिता समेत अपने गुरुजनों का धन्यवाद अदा किया है।

हर्षित जैसे युवा आज के युवाओं की प्रेरणा है जो उन्होंने आज अपनी इस कामयाबी से साबित कर दिया है। इनसे ज्यादा से ज्यादा छात्र भारतीय वायु सेना को करियर विकल्प के रूप में लेने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे मातृभूमि की सेवा करने का अवसर मिल सके।
