Skip to content

तीन सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं करती तो गुरील्ला देहरादून में देंगे धरना

29/06/2025

आज दिनांक 29.06.2025 को एस एस बी गुरिल्ला संगठन की एक आपातकालीन मीटिंग ऑनलाइन के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर सिंह राणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं टिहरी जिले के जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गैरोला, प्रदेश महासचिव एवं उत्तरकाशी के जिला अध्यक्ष महावीर सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल प्रसाद भट्ट, प्रदेश प्रचारक एवं जिला अध्यक्ष चंपावत ललित बगोली, अल्मोड़ा जिला अध्यक्ष एवं नैनीताल जिला अध्यक्ष, रुद्रप्रयाग के प्रदेश संयोजक एवं जिला अध्यक्ष सुनीत चौधरी, प्रदेश महामंत्री रमेश दत्त लखेड़ा, चमोली जिले के जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह बिष्ट, पौड़ी के जिला अध्यक्ष, देहरादून के जिला अध्यक्ष बलवीर सिंह गुसाई, पिथौरागढ़ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राम, बागेश्वर के जिला अध्यक्ष शेर सिंह दुबडिया, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा की सुलोचना देवी, संरक्षक श्रीमती गीता जोशी, भानी वाली से राधा प्रधान, टिहरी जिले के महासचिव प्रेमलाल उनियाल, टिहरी जिले के सचिव सुनील पुण्डोरा, टिहरी जिले की सह सचिव बीना चौहान, टिहरी जिला महामंत्री मुरारी सिंह असवाल, घनसाली ब्लॉक के महासचिव जगदीश सेमवाल, हिंडोलाखाल ब्लॉक उपाध्यक्ष दयाल सिंह सजवाण, कीर्तिनगर से बृजमोहन गुसाई, जवार सिंह बिष्ट, लक्ष्मी रावत चंबा, प्रमिला देवी, शर्मिला देवी, राजेंद्र सिंह भंडारी, सुंदरमणी पोखरियाल, हिम्मत सिंह मेहर ब्लॉक अध्यक्ष कीर्तिनगर, कोटद्वार से अंजलि थापा, दिल्ली से दामिनी बुडोला, दिल्ली एन सी आर से एस एस बी गुरिल्ला संगठन के अध्यक्ष नवीन बंदूनी, हुकम सिंह बिष्ट दिल्ली एन सी आर के महासचिव, गैरसैंण से ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत शाह, घनसाली से सह सचिव मुन्नी देवी, प्रताप नगर ब्लॉक अध्यक्ष आसाराम जोशी, बिशन दत्त भट्ट बागेश्वर, उमेद सिंह नेगी बागेश्वर, दान सिंह बघरी, बागेश्वर, सुरेंद्र सिंह रावत गरुड़ बागेश्वर और कई लोगों के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष और कई पदाधिकारीयों की दिनांक 29.06.2025 को एक आपातकालीन ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से समस्त पदाधिकारीयों ने निर्णय लिया लिया है। कि उत्तराखंड की धामी सरकार अगर तुरंत एस एस बी गुरिल्लों की तीन सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो आने वाले सितंबर 2025 में एस एस बी गुरिल्ला समस्त उत्तराखंड के एक विशाल धरना प्रदर्शन देहरादून में करेंगे और सी एम आवास कूच एवं सचिवालय कूच समस्त उत्तराखंड के एस एस बी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्ले एक बार फिर देहरादून में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। जब तक सरकार एस एस बी गुरिल्लाओ को नौकरी, पेंशन व ग्रेजुएटी तुरंत लागू नहीं कर देती मणिपुर की भांति तब तक यह धरना प्रदर्शन देहरादून में चलता रहेगा। जबकि केंद्र सरकार ने कई बार गुरिल्लों का सत्यापन भी कर लिया है। और एल आई यू द्वारा भी सत्यापन किया जा चुका है फिर भी सरकार एस एस बी गुरिल्लों को गुमराह कर रही है। और नैनीताल हाई कोर्ट से भी फैसला एस एस बी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं के हित में आ गया है। और 19 सालों से एस एस बी गुरिल्ला को सरकार ने भ्रमित करके रखा है जबकि साफ-साफ शब्दों में एस एस बी गुरिल्लाओं को मणिपुर की तर्ज पर देने के लिए कोर्ट का फैसला भी आ चुका है। फिर भी सरकार गुमराह कर रही है अगर कोई गुरिल्ला कोई गलत कदम उठाता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र सरकार और एस एस बी डिपार्टमेंट की होगी जिसने गुरिल्ला को ट्रेन किया और इस तरह से छोड़ दिया। और यह गुरिल्ला की अंतिम और निर्णायक धरना प्रदर्शन होगा। जिसमें गुरिल्ले आर या पार कुछ न कुछ जरूर इस धरना प्रदर्शन में करेंगे। और एस एस बी डिपार्टमेंट पहले एस एस बी गुरिल्लों का उपयोग गुप्त सूचनाएं इकट्ठा करने में और बॉर्डरों पर एस एस बी डिपार्टमेंट के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करती थी। लेकिन 2002 के बाद एस एस बी गुरिल्लों को सरकार ने दूध में से मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया। लेकिन सरकार को अब इन गुरिल्लाओ की बॉर्डरों पर बहुत कमियां दिख रही हैं। गुरिल्लाओं ने बांग्लादेश की लड़ाई में पूरा-पूरा सहयोग किया इसका पूरा प्रूफ एस एस बी डिपार्टमेंट के पास दिल्ली में है। और 1999 में कारगिल की लड़ाई में एस एस बी गुरिल्लों ने पहले ही सरकार को बता दिया था कि पाकिस्तान की ओर से दुश्मन हमारे सीमा में आ रहा है लेकिन सरकार ने गुरिल्लों की सच नहीं मानी तो बाद में जब लड़ाई हुई तब सरकार की नीद खुली और इन एस एस बी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं का एस एस बी डिपार्टमेंट ने 2002 तक खूब यूज किया और अब संपूर्ण जिम्मेदारी एस एस बी डिपार्टमेंट की होगी अगर कोई गुरिल्ला कोई गलत कदम उठाता है इस बेरोजगारी में तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एस एस बी डिपार्टमेंट की होगी क्योंकि गुरिल्लाओं को ट्रेन करने के बाद डिपार्टमेंट ने गुरिल्लाओं को ऐसा छोड़ दिया है। इसलिए केंद्र सरकार से आग्रह है कि वह जल्दी से जल्दी मणिपुर की तर्ज पर गुरिल्लों की तीन सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई करें। अन्यथा गुरिल्ला 19 सालों से एक देशभक्त गुरिल्ला ईमानदारी से इस बेरोजगारी में शांति से अपनी हक की लड़ाई 19 सालों से लड़ रहा है। अन्यथा इस बेरोजगारी में अपने परिवार को पालना बहुत मुश्किल है इसलिए गुरिल्ला अब बहुत परेशानियों का सामना कर चुका है। इसलिए सरकार को यह अंतिम और निर्णायक फैसला लेने में देरी न करें और जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने 20 दिसंबर 2023 को एक बहुत बड़ी मीटिंग 18 सचिवों के साथ की थी और निर्देशित किया था कि गुरिल्लाओ की मांगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। लेकिन 2 वर्ष बीतने के बावजूद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। और उत्तराखंड के सभी ब्लॉक अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों को अपने-अपने जिलों के एस एस बी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लों की सूचियां बनाकर जिला अध्यक्षों के पास तुरंत जमा करवाएं। केंद्र सरकार एस एस बी गुरिल्लाओ पर जरूर ध्यान दें अन्यथा गुरिल्ला भटक सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र सरकार की और एस एस बी डिपार्टमेंट की होगी जिन्होंने गुरिल्लाओं को ट्रेनिंग दी है। जय उत्तराखंड। जय एस एस बी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्ला। उत्तराखंड।