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भारत, ऑस्ट्रेलिया एक-दूसरे की शैक्षणिक डिग्रीयों को मान्यता देंगे, जानिए इसका महत्व

इस नए तंत्र का मतलब है कि यदि आप एक भारतीय छात्र हैं जो ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन कर रहे हैं या अध्ययन कर चुके हैं, तो आपके घर लौटने पर आपकी कड़ी मेहनत की डिग्री को मान्यता दी जाएगी। या यदि आप ऑस्ट्रेलिया के बहुत बड़े भारतीय डायस्पोरा के सदस्य हैं – 500,000 और आप अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे कि आपकी भारतीय योग्यता ऑस्ट्रेलिया में पहचानी जाएगी।” – एंथनी अल्बनीस



भारत अपनी भविष्यवादी शिक्षा नीतियों के चलते दुनिया भर में अलग पहचान स्थापित कर रहा है। इसका ताजा उदाहरण भारत के दौरे पर आए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस के वक्तव्य से मिला। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत सरकारों ने शिक्षा योग्यता मान्यता मैकेनिज्म को अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत भारत की डिग्री ऑस्ट्रेलिया में और वहां की डिग्री भारत में मान्य होगी। अल्बनीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का डीकिन विश्वविद्यालय यहां गुजरात के गांधीनगर के गिफ्ट सिटी में एक अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करेगा।

दोनों देशों ने शिक्षा योग्यता के नए मैकेनिज्म को स्वीकारा

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस यहां एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। एंथनी अल्बनीस ने कहा कि दोनों देशों ने शिक्षा योग्यता को लेकर एक नए मैकेनिज्म को अंतिम रूप दे दिया है। इस नए मैकेनिज्म का मतलब है कि यदि आप एक भारतीय छात्र हैं और ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे हैं या अध्ययन कर चुके हैं, तो घर लौटने पर आपकी को मान्यता दी जाएगी। इसी तरह भारत की डिग्री ऑस्ट्रेलिया में भी वैध होगी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने कहा कि छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने उन भारतीय छात्रों के लिए एक नई छात्रवृत्ति की भी घोषणा की जो ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करना चाहते हैं। छात्रवृत्ति व्यापक मैत्री कार्यक्रम का हिस्सा है, जो ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामुदायिक संबंधों को बढ़ावा देना चाहता है।

गिफ्ट सिटी में  स्थापित होगा अंतरराष्ट्रीय कैंपस

एंथनी अल्बनीस ने कहा कि यह किसी भी देश के साथ भारत द्वारा स्वीकृत सबसे व्यापक और महत्वाकांक्षी व्यवस्था है। इसने भारतीय छात्रों को नवीन और अधिक सुलभ शिक्षा प्रदान करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा प्रदाताओं के लिए व्यावसायिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। एंथनी अल्बनीस ने घोषणा की कि ऑस्ट्रेलिया का डीकिन विश्वविद्यालय यहां गुजरात के गांधीनगर के गिफ्ट सिटी में एक अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करेगा।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम चार दिवसीय भारत दौरे पर

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस बुधवार को चार दिवसीय यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे। हवाई अड्डे पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, मंत्री जगदीश विश्वकर्मा और अहमदाबाद मेयर ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस अहमदाबाद हवाई अड्डे से सीधे साबरमती आश्रम गए, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की। इसी बीच पीएम मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पीएम एंथोनी अल्बनीस ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट के माध्यम से 75 साल की दोस्ती का जश्न मनाया।

FTA पर हो चुका है करार

इससे पहले पिछले साल नवंबर में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) को ऑस्ट्रेलियाई संसद से मंजूरी मिल गई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट पर लिखा था कि बड़ी खबर: भारत के साथ हमारा मुक्त व्यापार समझौता संसद से पारित हो गया है।बता दें भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (AI-ECTA) को लागू करने से पहले ऑस्ट्रेलियाई संसद द्वारा मंजूरी की आवश्यकता थी। भारत में इस तरह के समझौतों को केंद्रीय मंत्रिमंडल मंजूरी देता है। समझौते के तहत, ऑस्ट्रेलिया ने लगभग 96.4 प्रतिशत निर्यात (मूल्य के आधार पर) के लिए भारत को शून्य सीमा शुल्क पहुंच की पेशकश किया है। इसमें कई उत्पाद ऐसे हैं, जिस पर वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में चार से पांच प्रतिशत का सीमा शुल्क लगता है।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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