ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे. उन्हें कंज़र्वेटिव पार्टी का नेता चुन लिया गया है. वो ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री होंगे. सर ग्राहम ब्रैडी ने इसकी औपचारिक घोषणा कर दी है. इससे पहले पेनी मॉरडॉन्ट ने अपनी दावेदारी वापस ले ली थी. नए ब्रितानी प्रधानमंत्री के सामने कई मुश्किल चुनौतियां और सवाल होंगे. इनमें सबसे मुश्किल है ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति. ब्रिटेन ग़रीब होता जा रहा है और देश की जनता इसे महसूस कर रही है- या एक कैबिनेट मंत्री के शब्दों में कहें तो, “हमारे सामने वो सब समस्याएं हैं जो पहले से थीं और अब आर्थिक संकट भी है.”अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री रहीं लिज़ ट्रस के प्रशासन ने जो मुश्किल हालात पैदा किए हैं उन्होंने कंज़रवेटिव पार्टी को संकट में डाल दिया है. उनके फ़ैसले, और फिर उनसे पीछे हटने की वजह से ब्रिटेन को वित्तीय बाज़ार के हाथों क्रूर व्यवहार सहने के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने 2015 में, 35 साल की उम्र में, पहली बार संसद का चुनाव जीता. केवल सात वर्षों में वो आज प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं.
वे भारत के विख्यात उद्योगपति और इंफ़ोसिस कंपनी के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के दामाद हैं. उन्होंने अक्षता मूर्ति से साल 2009 शादी की थी.
ऋषि सुनक, बोरिस जॉनसन कैबिनेट में वित्त मंत्री थे. उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का वादा किया है.
2015 से सुनक यॉर्कशर के रिचमंड से कंज़र्वेटिव सांसद चुने गए थे. वो नॉर्दलर्टन शहर के बाहर कर्बी सिग्स्टन में रहते हैं. उनके पिता एक डॉक्टर थे और माँ फ़ार्मासिस्ट थीं. भारतीय मूल के उनके परिजन पूर्वी अफ़्रीका से ब्रिटेन आए थे.
अपनी वेबसाइट पर ऋषि लिखते हैं, “मेरे माता-पिता ने बहुत त्याग किया ताकि मैं अच्छे स्कूलों में जा सकूं. मैं भाग्यशाली था कि मुझे विनचेस्टर कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का मौक़ा मिला.”
ब्रिटेनः लिज़ ट्रस ने भारतीय मूल की सांसद को बनाया गृह मंत्री
- ऋषि सुनक इंफ़ोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के दामाद हैं.
- उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन की सबसे अमीर महिलाओं की सूचि में शामिल हैं.
- सुनक बोरिस जॉनसन कैबिनेट में वित्त मंत्री थे
- 2015 से सुनक यॉर्कशर के रिचमंड से कंज़र्वेटिव सांसद चुने गए थे.
- उनके पिता एक डॉक्टर थे और माँ फ़ार्मासिस्ट.
- भारतीय मूल के उनके परिजन पूर्वी अफ़्रीका से ब्रिटेन आए थे.
- पढ़ाई ख़ास प्राइवेट स्कूल विंचेस्टर कॉलेज में हुई.
- उच्च शिक्षा के लिए सुनक ऑक्सफ़र्ड गए.
- बाद में स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में एमबीए भी किया
- राजनीति में आने से पहले इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स में काम किया

