‘हर काम देश के नाम’
शुरू हुआ भारत और नेपाल सेना के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास “सूर्यकिरण-XVII”
भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास सूर्यकिरण 17वां संस्करण आज से पिथौरागढ़ जिले में शुरू हुआ।
इसमें दोनों देशों की सेनाओं के 600 से अधिक जवान भाग ले रहे हैं। यह युद्धाभ्यास 24 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलेगा। इस साल सूर्य किरण युद्धाभ्यास का 17वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले पिछले साल इस सैन्य अभ्यास का 16वां संस्करण नेपाल में आयोजित किया गया था। सूर्य किरण युद्धाभ्यास की शुरुआत दोनों देशों के बीच वर्ष 2011 में हुई थी। इसके बाद वार्षिक आधार पर क्रमवार रूप से इसका आयोजन किया जा रहा है।

नेपाली दल का प्रतिनिधित्व नेपाली सेना की श्री तारा दल बटालियन द्वारा किया जा रहा है, जबकि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व ‘पंचशूल ब्रिगेड’ की कुमाऊं बटालियन द्वारा किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह के दौरान, दोनों सेनाओं के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के साथ प्रशिक्षण के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और सराहना की। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सद्भाव बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। यह अभ्यास भारत और नेपाल के सैनिकों को अनुभवों का आदान-प्रदान करने, एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने और एक-दूसरे की युद्ध कौशल की गहरी समझ को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करेगा ।
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में आतंकवाद विरोधी अभियान, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता, पर्यावरण संरक्षण और विमानन पहलुओं पर प्रशिक्षण सहित सामरिक प्रशिक्षण की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी। इसके आलावा इस अभ्यास के दौरान नयी पीढ़ी के उपकरण, नयी प्रणाली के सिम्युलेटर और ड्रोन का उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के अभियानों में इस्तेमाल को पहली बार शामिल किया गया है ।
इस युद्धाभ्यास के जरिए दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत होंगे। साथ ही युद्धाभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच जंगल की लड़ाई में सामंजस्य और एकजुटता से कार्य करने, संयुक्त राष्ट्र के आदेश के तहत पहाड़ी भूभाग पर आतंकवाद रोधी अभियानों के संचालन, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान को लेकर क्षमता में इजाफा होगा। युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की अच्छी आदतों, अनुभवों को भी आपस में साझा करेंगी।
