
चमुवां गांव के भूतपूर्व ग्राम प्रधान केशर सिंह कार्की के द्धारा टमाटर की खेती वास्तव में उत्तराखंड के लिए गौरव की बातज़
अल्मोड़ा -जागेश्वर विधान सभा के चमुवां गांव के भूतपूर्व ग्राम प्रधान केशर सिंह कार्की के द्बारा टमाटर की खेती कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में एक अलग ही पहचान है।
केशर सिंह कार्की टमाटर की खेती के साथ-साथ अन्य साग सब्जी का उधम लंबे समय से करते आ रहे हैं।केशर सिंह कार्की ही नहीं बल्कि और भी चमुवां गांव के लोग साग सब्जी कारोबार में दिलचस्पी है।
आजकल उतराखड में टमाटर लोगों के थालियों से गायब होते जा रहा है। लेकिन चमुवां गांव में केशर सिंह कार्की की मेहनत व जनून ने पहाड़ों में टमाटर की खेती का जीता-जागता प्रमाण आपके सामने है। जैसे चमुवां के लोगों के द्धारा हर मौसमी साग सब्जी का उधम किया जा रहा है ऐसे ही और लोग भी करते तो उतराखड का पलायन के साथ स्व रोजगार होता।
प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने बताया उतराखड के पर्वतीय क्षेत्रों में टमाटर के भाव आसमान छूने से लोगों की थालियों से टमाटर गाइब होने जा रहा है ।इधर चमुवां गांव के भूतपूर्व ग्राम प्रधान केशर सिंह कार्की ने टमाटर की खेती करके दिखाया हम पहाड़ी लोग भी साग सब्जी का उधम करके अपने क्षेत्र अन्य क्षेत्रों में निर्यात कर सकते हैं।
