अल्मोड़ा में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था सुधारने को विधायक मनोज तिवारी का बड़ा कदम,जिलाधिकारी को सौंपे सुझाव
अल्मोड़ा-नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था और पार्किंग की समस्या को लेकर अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने पहल करते हुए जिलाधिकारी को विस्तृत सुझाव दिए हैं।इस संबंध में उन्होंने एक औपचारिक पत्र के माध्यम से शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने और आम जनता को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं।विधायक द्वारा जिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा गया है कि अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। इसके समाधान के लिए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा संचालन को बढ़ावा देने और पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है।विधायक मनोज तिवारी ने अपने पत्र में चार अहम सुझाव रखते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है जिसमें होटल शिखर तिराहे से पाण्डेखोला तक इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का संचालन शुरू करने,खत्याड़ी से पाण्डेखोला तक भी ई-रिक्शा सेवा संचालित करने की मांग की है जिससे लोगों को सुलभ और सस्ता परिवहन मिल सके।रघुनाथ सिटी मॉल से सिकुड़ा बैंड तक ई-रिक्शा चलाने का प्रस्ताव भी विधायक के द्वारा दिया गया है ताकि बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।नगर के विभिन्न स्थानों पर निर्मित पार्किंग स्थलों को नियमित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने की भी मांग उनके द्वारा दी गई है।विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि इन सुझावों के लागू होने से न केवल जाम की समस्या में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।पत्र के अंत में विधायक मनोज तिवारी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उपरोक्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन प्रस्तावों पर अमल होता है तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और पार्किंग की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकती है। विधायक की इस पहल को शहर के लिए एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।अल्मोड़ा में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति को लेकर भी विधायक मनोज तिवारी ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है, जिससे आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलेंडरों का वितरण एक तय रोस्टर प्रणाली के तहत नियमित रूप से किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र या वर्ग के साथ भेदभाव न हो और सभी को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को अक्सर समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता, जिससे उनके दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ता है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थिति और भी अधिक गंभीर बनी हुई है।वहीं, कमर्शियल सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति के कारण होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार गैस की कमी के चलते उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने तक की नौबत आ जाती है।विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि यदि रोस्टर प्रणाली लागू की जाती है तो इससे पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि यह एक बुनियादी जरूरत से जुड़ा मुद्दा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।उन्होंने भरोसा जताया कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को समझते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा और व्यवस्था को दुरुस्त करेगा।

