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दिल्ली के 50 से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकियों से मचा हड़कंप

देश की राजधानी में सुरक्षा की नाजुक स्थिति का डरावना अहसास कराते हुए शुक्रवार सुबह दिल्ली के 50 से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी भरे ईमेल से अफरातफरी मच गई। बच्चों को स्कूलों से निकालने के लिए माता-पिता दौड़ पड़े, स्कूलों के बाहर सड़कों पर घबराए परिजनों की भीड़ लग गई, और बच्चे स्कूल भवनों के बाहर इंतजार करते नजर आए जबकि बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग कक्षाओं और लाइब्रेरी की तलाशी में जुटे रहे। यह कोई अलग घटना नहीं थी, बल्कि सप्ताहभर से जारी इसी तरह की धमकियों का हिस्सा थी, जिसने राजधानी में सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों पर भावनात्मक बोझ बढ़ा दिया है।

स्कूलों में ईमेल से आई धमकियों ने मचाई अफरातफरी

इस मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सेंट जेवियर्स (सिविल लाइंस), रिचमंड ग्लोबल स्कूल (पश्चिम विहार), अभिनव पब्लिक स्कूल (रोहिणी) और द सोवरेन स्कूल (रोहिणी) समेत कई नामी स्कूलों में धमकी भरे ईमेल आए। इन ईमेल में अस्पष्ट लेकिन डराने वाली भाषा में कहा गया था कि स्कूल परिसरों में बम लगाए गए हैं और कुछ घंटों में विस्फोट कर दिए जाएंगे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

शुक्रवार को आई यह धमकी उसी सप्ताह में आई कई धमकियों की कड़ी में ताजा मामला थी। बुधवार को भी कम से कम सात स्कूलों को इसी तरह के ईमेल मिले, जो लगातार तीसरे दिन ऐसी फर्जी धमकियों की घटना थी। इससे एक दिन पहले, दिल्ली के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट स्टीफंस कॉलेज (नॉर्थ कैंपस) और सेंट थॉमस स्कूल (द्वारका) को भी बम की धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिससे कड़ी सुरक्षा जांच और आंशिक रूप से निकासी कराई गई थी।

मंगलवार सुबह करीब 7:15 बजे सेंट स्टीफंस कॉलेज को मिले ईमेल में दावा किया गया कि परिसर के अलग-अलग हिस्सों में चार आईईडी और दो पैकेट आरडीएक्स लगाए गए हैं, जिनमें से एक लाइब्रेरी में है, और यह बम दोपहर 2 बजे तक विस्फोट कर जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने इलाके को घेरकर स्निफर डॉग्स की मदद से गहन तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ।

पुलिस ने पुष्टि की कि सोमवार को तीन अन्य स्कूलों में आई बम की धमकियां भी फर्जी निकलीं, लेकिन इन घटनाओं ने बच्चों और अभिभावकों में दहशत और चिंता बढ़ा दी, और कई माता-पिता अगले दिन बच्चों को स्कूल भेजने से हिचकते नजर आए।

12 साल के बच्चे की धमकी से पर्दा उठा

बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने धमकी भरे एक ईमेल के पीछे 12 साल के एक बच्चे को पकड़ा। जांच में सामने आया कि यह बच्चा दक्षिण दिल्ली के एक निजी स्कूल में पढ़ता है और उसने अपने निजी मोबाइल फोन से यह ईमेल एक मजाक के तौर पर भेजा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बच्चे से पूछताछ कर काउंसलिंग की गई और उसे घर भेज दिया गया। उसने बताया कि यह एक मजाक था और वह मानसिक स्वास्थ्य उपचार भी ले रहा है।”

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि जब नाबालिग ऐसे मामलों में शामिल होते हैं तो इनका समाधान कितना जटिल हो जाता है। साथ ही, इसने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता की जरूरत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब बच्चे बिना निगरानी के तकनीक का उपयोग कर रहे हों।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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