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    अब जिला अस्पताल में मरीजों को बाहर से नहीं लेनी पड़ेगी दवाईयां, अस्पताल में ही होंगी उपलब्ध ,जानें डिटेल्स


    अल्मोड़ा-अल्मोड़ा का जिला अस्पताल नगर के मध्य में स्थित है। जहाँ मरीजों की शिकायत हर समय बनी रहती है। जिला अस्पताल के कर्मचारियों के व्यवहार की बात करें या बाजार से दवा की बात करे तो जिला अस्पताल का नाम हर बार प्रथम स्थान पर आ जाता है।

    आज जिला अस्पताल के सी एम एस डॉ हरीश चंद्र गड़कोटी से मुलाकात के लिए अल्मोड़ा पोर्टल न्यूज पत्रकार एसोसिएसन जिला अस्पताल पहुंची। वार्ता से पहले पत्रकारों ने अस्पताल का जायजा लिया तो पाया कि अस्पताल में दवा वितरण विभाग मरीजों को दवा कम वितरित कर रहा है। साथ ही देखा गया कि बहुत सारी दवा आज भी बाजार की लिखी जा रही है जो काफी महंगी हैं। जिसका साक्ष्य पत्रकारों को मौके में कुछ लोगो से बात करके और कुछ पर्चो का अवलोकन करने से प्राप्त हो गया था।

    पत्रकार एसोसिएसन ने जिला अस्पताल के पी एम एस डॉ हरीश चंद्र गड़कोटी से वार्ता की। जिसमे सर्वप्रथम ओ टी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने की बात पूछी गई जिसमे डॉ गड़कोटी का कहना था कि हमारे पास वैकल्पिक ओटी बनाने का कोई प्रावधान नहीं था। पर अपने प्रयासों से हमने ओ टी का निर्माण कराया है जो सोमवार से शुरू हो जाएगी। ओटी ना होने से दो सप्ताह से जिला चिकित्सालय में कोई भी ऑपरेशन नहीं हुए है और न ही हमारे वहाँ कोई उसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। पत्रकारों द्वारा डॉ गड़कोटी से पूछने पर की क्या तब तक मरीज को हल्द्वानी रेफर किया जा रहा था। तो इस पर डॉ गड़कोटी का कहना था कि अगर कोई मरीज आता तो उसे हल्द्वानी रेफर किया जाता। पर इन दो सप्ताह में ऐसा कोई मरीज नहीं आया।

    चिकित्सालय में दवा की कमी कब तक पूरी होने के सवाल में डॉ गड़कोटी ने बताया की पन्द्रह दिन के अंदर सभी दवा अस्पताल में उपलब्ध हो जाएगी। डॉक्टर द्वारा बाहर से दवा लिखने के सवाल पर डॉ गड़कोटी ने कहा कि डॉक्टर का कहना है कि बार बार मरीज को असर नहीं होने पर बाहर की दवा लिखी गई है। आगे से ऐसा ना हो इसे वे स्वयं देखे़गे। इसके आगे जिला अस्पताल के औषधि वितरण कक्ष में बैठने वाले ट्रेनी फार्मेसिस्टों के द्वारा लोगों से अमर्यादित भाषा में बात करने की बात पर सीएमएस गढ़कोटी का कहना था कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है इस पर वे औषधि वितरण कक्ष के इन्चार्ज से बात करे़गे‌। इसके आगे उनसे जब पूछा गया कि चिकित्सक जब 15 दिन की दवा लिखकर पर्चे में दे रहे हैं तो औषधि वितरण कक्ष में बैठे कर्मचारियों द्वारा मनमानी कर केवल सात दिन की दवा मरीजों को दी जा रही है।चिकित्सक के द्वारा 7 दिन की दवा लिखने पर केवल 3 दिन की दवा औषधि कक्ष के कर्मचारियों द्वारा दी जा रही है। इस पर श्री गढ़कोटी ने कहा कि ये बात भी मेरे संज्ञान में नहीं है इस पर कार्यवाही की जाएगी। औषधि वितरण कक्ष के स्टाफ के व्यवहार पर डॉ गड़कोटी का कहना है इसे मैं देखता हूं। अस्पताल की कमियों को मैं अपने स्तर से सुधार रहा हूँ। बाहर से जाँच के मामले में डॉ गड़कोटी का कहना है कि आज से कोई जाँच बाहर से नहीं होगी।

    पहले क्या हो रहा था उस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। आयुष्मान कार्ड के मरीजों की सुविधा पर डॉ गड़कोटी का कहना है कि सभी को सभी सुविधाए दी जा रही है। हड्डी वाले सर्जन/चिकित्सक अभी चार धाम की ड्यूटी में गए है उनकी जगह पर अभी वर्तमान में कोई नहीं है। ड्रेसिंग रूम के बारे में पूछे जाने पर डॉ गड़कोटी का कहना है कि जगह की कमी के कारण हमारे पास एक ही ड्रेसिंग रूम है।चिकित्सक द्वारा मरीज को 15 दिन की दवा लिखे जाने पर भी औषधि केंद अपनी मनमानी करते हुए मात्र 7 दिन की दवा क्यों दवा दे रहा है इस पर डॉ गड़कोटी का कहना है की ये बात भी मेरे संज्ञान में नहीं है इस पर कार्यवाही की जाएगी।सी एम एस गढ़कोटी से जब पूछा गया कि उनको चिकित्सालय का कार्यभार सम्हाले एक महीना हो चुका है।इस एक महीने में कितने वी आई पी यहां ईलाज के लिए आए तो उनका कहना था कि एक भी वी आई पी यहां ईलाज के लिए नहीं आया।कुल मिलाकर मरीजों को लगातार बाहर की महंगी दवाईयां लिखी जा रही है।जांचें बाहर से करवाई जा रही हैं और औषधि वितरण कक्ष वालों की मनमानी बुलन्दी पर है।अब देखने वाली बात है कि जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा के नये सी एम एस गढ़कोटी इन व्यवस्थाओं को कितनी जल्दी सुधार पाते हैं।

    By D S Sijwali

    Work on Mass Media since 2002 ........

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