गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में अल्मोड़ा की स्वाल घाटी संस्था ने छपेली नृत्य से बंधा समा
दिल्ली के जनपथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत ने देश की राजधानी में खास पहचान बनाई। इस अवसर पर अल्मोड़ा जिले की प्रसिद्ध स्वाल घाटी संस्था ने पारंपरिक छपेली नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। भाजपा नेता व वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश भट्ट के नेतृत्व में मंच पर उतरे कलाकारों ने अपनी सधी हुई प्रस्तुति से पूरे माहौल को लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया।
छपेली नृत्य के दौरान कलाकारों की वेशभूषा, तालबद्ध कदम और लोकगीतों की मिठास ने वहां मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक जुटे रहे और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई दी।
छपेली नृत्य के साथ-साथ क्लासिकल गायन की प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें उत्तराखंड की संगीत परंपरा की गहराई और समृद्धि देखने को मिली। इस सांस्कृतिक आयोजन में उत्तराखंड के करीब 50 कलाकारों ने भाग लिया और अपनी कला के माध्यम से राज्य की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखा।
कार्यक्रम के दौरान स्वाल घाटी संस्था के कलाकारों और आयोजकों ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में उत्तराखंड की लोककला, संस्कृति और कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक अवसर देने को लेकर चर्चा हुई। कलाकारों ने मंत्री को अपनी गतिविधियों और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों की जानकारी दी।
भाजपा नेता व वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश भट्ट ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का प्रदर्शन करना गर्व का विषय है। इससे न सिर्फ कलाकारों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी स्वाल घाटी संस्था देशभर में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने का काम करती रहेगी।

