प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ में लगभग 4200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा हमने सीमावर्ती गांवों को अंतिम नहीं, बल्कि देश के पहले गांव के रूप में विकसित करना शुरू किया है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत, ऐसे ही सीमावर्ती गांवों का विकास किया जा रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा हाल ही में देश ने लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। दशकों से लंबित ये काम आपका भाई और आपका बेटा कर पाया है। उस समय में भी यहां की बहनों ने बहुत सारी चिट्ठियां भेजीं।
उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाई पर पहुँचे, आप लोगों का जीवन आसान हो इसके लिए हमारी सरकार पूरी ईमानदारी से, पूरे समर्पण भाव से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा दूर-सुदूर पहाड़ों पर देश के कोने-कोने में जो लोग रहते हैं, हमने उनकी भी चिंता की। इसलिए, सिर्फ 5 वर्षों में ही देश में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। ये 13.5 करोड़ लोग, इस बात का उदाहरण हैं कि भारत अपनी गरीबी मिटा सकता है।
ये काम पहले की सरकारों द्वारा भी किया जा सकता था। लेकिन पहले की सरकारों ने इस डर से बॉर्डर एरिया का विकास नहीं किया कि कहीं दुश्मन इसका फायदा उठाकर अंदर ना आ जाए। आज का नया भारत, पहले की सरकारों की इस डरी हुई सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है
प्रधानमंत्री ने कहा यहां मानसखंड में बागेश्वर, बैजनाथ, नंदा देवी, गोलू देवता, पूर्णागिरी, कसार देवी, कैंची धाम, कटारमल, नैनादेवी, नानकमत्ता, रीठासाहिब जैसे अनेकों देव स्थलों की श्रृखंला का वैभव विद्यमान हैं। राष्ट्र रक्षा और आस्था की इस तीर्थभूमि पर आकर मैं धन्य हो जाता हूं।
