रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने शोक व्यक्त किया
अल्मोड़ा। उत्तराखंड आंदोलन की स्तंभ रही वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी तथा महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती सुशीला बलूनी का विगत रात्रि निधन हो गया।उनके निधन पर पूर्व दर्जामंत्री बिट्टू कर्नाटक ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी अब हमारे बीच नहीं रही।
यह समाचार प्रदेशवासियों के साथ-साथ मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अविश्वसनीय और सबसे ज्यादा दुखद है क्योंकि उन्होंने मुझे हमेशा छोटे भाई की तरह प्यार दिया है। उनकी राज्य के प्रति सामाजिक तथा राजनीतिक गतिविधियां उम्रदराज तथा बीमारी के बावजूद भी सक्रिय रही। बलूनी के इस अमूल्य योगदान को राज्य वासी कभी नहीं भूल पाएंगे।
उन्होंने कहा कि भले ही आज वे हमारे बीच शारीरिक रुप से ना हो लेकिन राज्य के करोड़ों लोगों के दिलों में हमेशा राज करेंगी।श्री कर्नाटक ने कहा कि श्रीमती बलूनी ने उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में अपनी सशक्त भूमिका निभाई थी।उनका इस संसार से चले जाना उत्तराखंड राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। कर्नाटक ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस असीम दुख को उनके परिवार को सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने शोक व्यक्त किया
अल्मोड़ा -उतराखड राज्य की आन्दोलनकारी व पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती सुशीला बनूली का जी आकस्मिक निधन होने पर प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने शोक व्यक्त किया। बलूनी जी हमारे उतराखड के स्तंभ की तरह थी उतराखड की क्रान्तिकारी महिलाओं में सुसील बलूनी जी का बड़ा योगदान रहा।आज उतराखड में खामोशी छा गई। इन्होंने उतराखड प्रथक राज्य में अपना शक्रिय योगदान तो दिया उसके बाबजूद हमेशा महिलाओं के लिए आवाज बुलंद करने वाली क्रान्तिकारी महिला थी। बलूनी जी का ये आन्दोलनकारी व अन्य मुद्दों पर आवाज उठाने की बात उतराखड के लिए एक धरोहर के तौर पर रहेगी।उनका चले जाना उतराखड के करोड़ों लोगों के दुःख की बात है। भले ही सुसील बलूनी जी हमारे साथ शारीरिक तौर से नहीं रही परन्तु उतराखड के करोड़ों की जनता में उनका नाम एक क्रांतिकारी महिला की तौर राज करेगी

