रेलवे प्राधिकरण के फ्रीज जोन का मलेथा में भारी विरोध। साथ में देवप्रयाग जिला बनाने को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू।।
देवप्रयाग को जिला बनाने को लेकर मलेथा गांव से हस्ताक्षर अभियान की शुरुवात की गयी। आदित्य नेगी, मीडिया प्रभारी ने बताया कि मलेथा में आयोजित देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा की बैठक में पहुंचे मोर्चा के संस्थापक गणेश भट्ट ने ग्रामीणों से देवप्रयाग को जिला बनाने को लेकर समर्थन मांगा। साथ ही रेलवे प्राधिकरण द्वारा परियोजना की सीमा से 400 मीटर के क्षेत्र को फ्रीज करने एवं समस्त निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश को लेकर बैठक में भारी विरोध किया गया।
बैठक में गणेश भट्ट ने कहा कि देवप्रयाग देवभूमि का पहला प्रयाग है, जहाँ भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा नदी का नामकरण होता है. यहाँ राम भगवान् की तपस्थली है. अर्ध कुम्भ क्षेत्र है और सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में देवप्रयाग महत्वपूर्ण स्थान रखता है. टिहरी जिला मुख्यालय दूर होने के कारण देवप्रयाग विधानसभा के आम लोगों को पेंशन योजनाओं के लिए, ड्राइविंग लाइसेसं और RTO सम्बन्धी काम के लिए, विकलांग प्रमाणपत्र के लिए, भुलेख और बंदोबस्त के कार्यों सहित जिला स्तरीय अधिकारीयों से संपर्क करने में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. चूंकि लम्बे समय से देवप्रयाग को जिला घोषित करने की मांग क्षेत्रीय जनता द्वारा की जाती रही है इसीलिए उत्तराखंड सरकार को बिना देरी किये देवप्रयाग को जिला घोषित करना चाहिए.
बैठक में वक्ताओं ने देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा की इस पहल का स्वागत किया। साथ ही मलेथा बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने रेलवे प्राधिकरण द्वारा 400 मीटर के दायरे को फ्रीज कर भवन, दूकान आदि निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया. वक्ताओं ने कहा मलेथा रेलवे सुरंग में लगातार विस्फोट होने के बाद मलेथा वासियों के मकानों में आई दरारों एवं भवनों की क्षति मुआवजा राशि को वर्तमान स्थिति के आधार पर बढाने की मांग की. बैठक में तय किया गया कि भेजे गए नोटिस यदि वापस ना हुए और मलेथा को फ्रीज जोन से ना हटाया गया तो ग्रामीण रेलवे प्राधिकरण की मनमानी के विरुद्ध बुधवार को SDM कार्यालय का घेराव करेंगे। और जरूरत पड़ी तो देवप्रयाग विधायक कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा।
बैठक में ग्राम प्रधान रश्मि रावत, सतेंद्र भट्ट, देव सिंह नेगी, विजय रावत, रविन्द्र बिष्ट, अचल नेगी, बीना नेगी, संजय कुमार, जयवीर राणा, बलवीर राणा, कल्पना बलूनी, यशोदा देवी, नीलम, सुधा देवी, दिनेश भट्ट, कुलदीप राणा, अंकित राणा आदि ने विचार व्यक्त किए।।
