Poem

कविता बहुगुणा की लिखी कविता सावन का आगमन

सावन का आगमन जमीन गीली है आसमां है बादलों से भरा ना ही धूप है ना ही अंधेरा कोहरे से…

2 years ago

सौरभ तिवारी की स्वरचित कविता ‘मुझे दिव्यांग कहने वाले’……

मुझे दिव्यांग कहने वालेमुझे दिव्यांग कहने वालेतू भी दिव्यता का अनुभव कर,सिर्फ एक साल के लिए अपनीबांध ले पट्टी आखों…

3 years ago

मेरा एक सपना है…. सौरभ तिवारी की स्वरचित कविता

मेरा एक सपना है, अपने सपनो को पूरा करूँगा, मेरा एक सपना है, अपने सपनो को पूरा करूंगा, काम मांगने…

3 years ago

दिव्यांग हुए तो क्या हुआ! …..अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के सौरभ की स्वरचित कविता

दिव्यांग हुए तो क्या हुआ! अरमान किसी से कम तो नहीं।। माना हम तुमसे धीमे हैं पर फिर भी तुम…

3 years ago