पैतृक गांव स्यूनराकोट में आयोजित हुई सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की 124 वीं जयंती
दीवान कनवाल ने पन्त की एकमात्र कुमाऊनी कविता ‘ सार जंगव में तवे जै कोई नेहें कोई नेहें’ को स्वरबद्ध…
दीवान कनवाल ने पन्त की एकमात्र कुमाऊनी कविता ‘ सार जंगव में तवे जै कोई नेहें कोई नेहें’ को स्वरबद्ध…
पन्त जी की कविताओं में पहाड़ की प्रकृति के विभिन्न रंग झलकते-पालिकाध्यक्ष अल्मोडा। पं० सुमित्रानन्दन पन्त जी की 123 वीं…