अल्मोड़ा: सरकार ‘कांण बिराव मान लै पतवै’ वाली कुमाऊनी कहावत को चरितार्थ कर रही- तीन दिवसीय रथयात्रा पर राज्य आंदोलनकारी
कांण बिराव मान लै पतवै अर्थात कानी बिल्ली के आगे दूध न रखकर चावल का माड रख दिया- अनदेखी करना…
कांण बिराव मान लै पतवै अर्थात कानी बिल्ली के आगे दूध न रखकर चावल का माड रख दिया- अनदेखी करना…