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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता पैनल का कार्यकाल 4 महीने बढ़ाया गया

प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए गठित समिति का कार्यकाल चार माह के लिए बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी ने आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा की थी। यह तीसरी बार है जब समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि अगर यूसीसी कमेटी 2024 से पहले अपना मसौदा सौंप देती है तो इस साल उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने 27 मई 2022 को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप (ड्राफ्ट) बनाने के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेनि) की अध्यक्षता में मई में विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति इस संबंध विभिन्न हितधारकों के सुझाव भी ले चुकी है। विशेषज्ञ समिति के लगभग 15 माह के कार्यकाल में अभी तक 75 से अधिक बैठकें हुई हैं और समिति को 2 लाख 35 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं। समिति को यूसीसी का प्रारूप इसी वर्ष जून तक सौंपना था।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भारत में नागरिक कानूनों का एक एकल सेट बनाने का एक प्रस्ताव है जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे उनका धर्म, लिंग या यौन रुझान कुछ भी हो। यूसीसी विवाह, तलाक, रखरखाव, विरासत, गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा। यूसीसी मौजूदा धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह लेगा।

This post was published on 24/09/2023 2:13 AM

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