पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि आगामी छह माह में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं के निर्माण और उनकी क्षति को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश को संरक्षण प्रदान करने में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है।
बहुगुणा ने आज देहरादून में निराश्रित पशुओं के संबंध में हुई बैठक में ये बाते कहीं। बैठक में पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सड़कों पर घूमने वाली गायों को चिन्हित कर गौ-सदनों में रखा जाएगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि गौवंश की क्षति की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से प्रयास किये जा रहे हैं, जिसमें निराश्रित गौवंश को गौ-सदनों तक लाना एक महत्वपूर्ण पहल है।
पशुपालन मंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 17.5 हजार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए आज पहली बार तीन कैबिनेट मंत्रियों की हाई लेवल कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि आगामी 06 माह में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं के निर्माण तथा उनकी क्षति को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किये जायेंगे उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने निराश्रित गौवंश को संरक्षण प्रदान करने की पहल की है। इस अवसर पर सचिव, पशुपालन, बीवीआरसी पुरूषोत्तम तथा अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
वहीं पशुपालन मंत्री ने देहरादून में मत्स्य विभाग की वेबसाइट एम.आई.एस और यू-लैब पोर्टल का उद्घाटन किया, कहा- सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के पशु और मत्स्य पालकों को तकनीक के माध्यम से सरलीकरण की प्रक्रिया से जोड़ने की है।
उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से प्राप्त समस्याओं का निराकरण तत्परता से किया जा सकेगा।
