शरीर से भले ही कमजोर लेकिन प्रतिभा व हौसलों से बुलंद
42 वर्षीय लोकलाकार धरम सिंह नेगी ग्राम रीम पोस्ट कनारीछीना रीठागाड क्षेत्र के रहने वाले इन दिनों सोशल मीडिया में लोकगीत व हास्य कला के द्वारा छाये हुए हैं। धर्म सिंह नेगी गरीब परिवार व शरीर से कमजोर है। काम धंधा नहीं कर पा सकते बावजूद इसके उन्होंने छोटे छोटे कार्यक्रमों में शामिल होकर लोकगीत व हास्य कला के जरिए अपने व अपनी बुढ़ी मां के लिए जीवकोपार्जन का ज़रिया बनाया।
धीरे-धीरे धर्म सिंह नेगी ने शादी ब्याह में मांगलिक कार्यक्रम व जाग जागरो में अपना प्रतिभाग शुरु किया। अपने लोकगीत व हास्य कला व शादी ब्याह में मांगलिक कार्यक्रम से अपने कमजोर शरीर का इलाज दवा पानी व घर में बुढ़ी मां का भी खर्चा उठाते हैं। धर्म सिंह नेगी अपनी लोककला के द्वारा इन दिनों सोशल मीडिया में अपनी अलग ही पहचान बनाये है।

भगवान हर इंसान के लिए अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए कुछ ना कुछ रास्ता निकालते हैं। इंसान के पास हुनर जज्बा होना चाहिए। जैसे धर्म सिंह नेगी अपनी लोक कला के जरिए अपने शरीर का इलाज करवाया व अपनी बुढ़ी मां की देखरेख भी की। कुमाऊं, गढ़वाल के जो भी धार्मिक त्यौहार ,व देवी देवताओं के जागर होते हैं धर्म सिंह नेगी अपनी लोकप्रियता से अपनी उपस्थिति देकर लोगों का मन मोह लेते हैं। उनके चचेरे बड़े भाई प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने धर्म सिंह नेगी की हास्य कला व लोकगीतों की प्रसंशा करते हुए।
उत्तराखंड सरकार को धर्म सिंह नेगी हास्य कलाकार व लोकलाकार को उत्तराखंड सांस्कृतिक मंचों बुलाने का अवसर दिया जाना चाहिए। धर्म सिंह नेगी जैसे लोकप्रिय हास्य कलाकार व पुराने समय के लोकगीतों को उजागर करने वाले लोक कलाकार है।
