उत्तराखंड उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री धाम के कपाट आज अन्नकूट पर्व पर वैदिक मंत्र उच्चारण और पूरे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
इस वर्ष 9,04,869 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम की यात्रा की। अगले 6 महीने श्रद्धालु मुखवा में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट आज 14 नवंबर को अन्नकूट के बाद पूर्वाह्न 11.45 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। यमुनोत्री धाम की बात करें तो, यमुनोत्री का पवित्र मंदिर, गढ़वाल हिमालय में सबसे पश्चिमी मंदिर है और यमुना नदी का एक स्रोत है; यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
15 नवंबर की सुबह बाबा केदारनाथ के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में बाबा केदार के दर्शन ऊखीमठ में होंगे। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाली हेली सेवाएं भी आज से बंद हो जाएंगी। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदार पहुंचे।
धामी सरकार ने सात और नेताओं को बांटे दायित्व, देखें.....
स्कूल परिसर में बुरी आत्मा के साए की फैली बातें, बनाया गया मंदिर......
कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने टॉपर्स को कुरूक्षेत्र के लिए किया रवाना..... News..
भूस्खलन प्रभावित सड़कों के उपचार और मरम्मत के लिए 461 करोड़ की स्वीकृति...
जंगल गई महिला को जंगली जानवर उठा ले गया, 4 किमी अंदर मिला अधखाया शव...
शिक्षा संकाय में 'युवा पीढ़ी, परिवार एवं विश्वशांति' विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन......