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    Uttarakhand Gorilla Sangathan:8 महीने हो गए मुख्यमंत्री के आदेश को, गुरिल्लाओं के पक्ष में कोई कार्रवाई नहीं हुई

    Byswati tewari

    Aug 10, 2024

    कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल एक प्रेस विज्ञप्ति में गुरिल्ला संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल भट्ट, और गुरिल्ला संगठन के जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गेरोला, और ब्लॉक अध्यक्ष हिम्मत सिंह, मेहरा उत्तम सिंह रतूड़ी, उपाध्यक्ष बृजमोहन गुसांई, सचिव महावीर सिंह रावत जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी चंपावत जिल्ला अध्यक्ष ललित मोहन बगोली, महामंत्री महावीर सिंह रावत,गुरिल्ला संगठन के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारीयों ने आज एक मीटिंग की गई है और जो इस मिटिंग में शामिल नही हो पाये हैं उनको ऑनलाइन मिटिंग के माध्यम से जोडा गया है और सभी जिलों के जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि यदि सरकार या माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञांपनों के माध्यम से यहा अवगत कराया जाएगा। कि आपने जो 29 दिसंबर 2023 को 18 सचिवों और मुख्य सचिव राधा रतूड़ी जी विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों एवं गुरिल्ला प्रतिनिधिमंडल के साथ और अन्य गुरिल्ला स्वयंम सेवक वर्चुवल माध्यम से जुड़े थे माननीय मुख्यमंत्री जी ने संबंधित सभी विभागों को निर्देशित किया था कि गुरिल्ला के विषयों को ध्यान में रखते हुए जो भी समाधान हो सकता है सरकार तुरंत कारवाई करेगी इसका अनुपालन त्वरित किया जाएगा जबकि दो बार नैनीताल हाईकोर्ट का भी फैसला गुरिल्लाओं के पक्ष में सुना चुकी है जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों और हाईकोर्ट की भी अवहेलना की जा रही है माननीय मुख्यमंत्री जी के आदेशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ 8 माह में बीत जाने के बाद भी गुरिल्लाओं के पक्ष में कोई कार्रवाई नहीं हुई है गुरिल्ला 18 सालों से अपनी मांगों को लेकर सडकों पर आंदोलन कर रहा है काफी लंबा समय हो गया है।

    30 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम

    यदि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 30 अगस्त तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुरिल्ला 1 सितंबर को देहरादून कूच करेगा और 2 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव करेगा प्रदेश के 19881 गुरिल्ला और अन्य आश्रित सहित 20000 गुरिल्ला देहरादून कूच करेगा और अपने तमाम पदाधिकारी के साथ गुरिल्ला सी एम आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरने के लिए बैठ जाएगा यहा गुरिल्लाओं ने आर पार की लड़ाई लडने निर्णय लिया है कि इस आंदोलन में तब तक नहीं उठंगे जब तक हमारे माननीय मुख्यमंत्री शासनादेश और जीओ जारी नहीं कर देते हैं गुरिल्ला इस आंदोलन को आर पार और निर्णायक लडने के मोड़ में है जाए अपनी जान की बाजी क्यों न लगानी पड़े जाय आत्मदाह जैसा निर्णय लेना पड़े सरकार जाए लाठियां भाजे गोलियां चलाए जो भी करें परंतु गुरिल्ला अपनी मांगों को बिना मंगवाए बगैर आंदोलन से नहीं हटेगा चाय सरकार कुछ भी कर ले संगठन के पदाधिकारी द्वारा सभी गुरिल्लाओं को निर्देशित किया है कि इस महां आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेश से जो बहार अन्य राज्यों में रोजगार के लिए जा रखे हैं उनको भी सूचना दी जा रही है कि 1 सितंबर को सभी गुरिल्ला देहरादून पहुंचे और रोज-रोज के इस झूठे आश्वासन से इस बार आर पार मोड में इस आंदोलन को लडा जाय अब देखना है की सरकार गुरिल्लाओं के इस महा आंदोलन में सरकार क्या रूक अपनाती है।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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