उत्तराखण्ड: लिव-इन रिलेशनशिप होंगे पंजीकृत, विधानसभा में यूसीसी बिल पेश
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया, जो पारित होने पर आजादी के बाद किसी भी राज्य में लागू होने वाला पहला ऐसा कानून होगा।
विशेष सत्र के दूसरे दिन आज सदन पटल पर समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट और राज्य आंदोलकारी प्रवर समिति की रिपोर्ट रखी गई।
वहीं यूसीसी को सदन पटल पर रखे जाने पर विपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। सदन के पटल पर रखे जाने के साथ ही विपक्ष ने विधेयक को पढ़ने के लिए समय मांगा, जिसकी विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अनुमति दी।
विधेयक में अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर, उत्तराखंड में सभी नागरिकों के लिए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, विवाह, तलाक, भूमि, संपत्ति और विरासत पर एक सामान्य कानून का प्रस्ताव है।
विधेयक में राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण और एक महीने के भीतर ऐसा न करने पर तीन महीने की कैद का प्रावधान है। ऐसे रिश्ते से पैदा हुआ कोई भी बच्चा वैध माना जाएगा।
This post was published on 06/02/2024 9:48 AM