उत्तराखंड का एक और लाल देश के लिए शहीद हो गया। उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर खंड के कनोल गांव निवासी खिलाफ सिंह नेगी रविवार रात शहीद हो गए। उनका एक माह से लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। 2021 में सेना में भर्ती हुए खिलाफ सिंह नेगी के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में आई, वैसे ही पूरा गांव सदमे में डूब गया।
उत्तराखंड के ही लैंसडाउन में खिलाफ सिंह नेगी ने दो साल पूर्व भारतीय सेवा ज्वाइन की थी। उनके शहीद होने की खबर के बाद आसपास के गांवों के लोग और उनके दोस्त यार खिलाफ सिंह नेगी के घर पहुंचने शुरू हो गए हैं। खिलाफ सिंह की मां, बेटे के चले जाने से बदहवास और बेहोशी की हालत में है। खिलाफ सिंह नेगी के पिता का तो इतना बुरा हाल है कि जब से उन्हें यह मालूम हुआ है कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा, तब से वह एक ही जगह बैठे हुए हैं।
खिलाफ सिंह नेगी के भाई कुंवर सिंह नेगी गोपेश्वर में ही कपड़ों की दुकान चलाते हैं। आँखरी बार बड़ी बहन की शादी में शामिल होने घर आए थे।
जानकारी अनुसार आज सुबह लखनऊ से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव के लिए भेजा गया है। गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। खिलाफ सिंह नेगी का इलाज पिछले 1 महीने से लखनऊ में चल रहा था। उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
This post was published on 11/09/2023 11:58 AM