उत्तराखंड पुलिस ने बुधवार को राज्य के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के वायरल वीडियो पर एक बयान जारी कर कहा कि इस घटना की ‘निष्पक्ष जांच’ की जाएगी। एक कथित वीडियो में, कैबिनेट मंत्री अग्रवाल को मंगलवार को ऋषिकेश में एक युवक की पिटाई करते देखा जा सकता है। वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद देहरादून पुलिस अधिकारियों को सबूतों के आधार पर घटना की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक खुशीराम पांडे ने बताया कि सुरेंद्र नेगी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ बलवा मारपीट व गाली गलौज की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से एक बयान में कहा गया, “देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिलीप सिंह कुंवर को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया गया है।”
सूत्रों के मुताबिक मामला तूल पकड़ता देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट मंत्री को तलब किया। इस बीच ऋषिकेश कांड को लेकर राज्य की विपक्षी पार्टियों ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला है।
बता दें कि मंत्री के थप्पड़ खाने वाला युवक सुरेंद्र नेगी नगर निगम ऋषिकेश के शिवाजी नगर क्षेत्र के निवासी हैं। वे काफी समय से सामाजिक और जनहित के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। वह अपने घर के पास परचून की दुकान चलाता हैं। वे शिवाजीनगर क्षेत्र से ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगर निगम पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका हैं।
वहीं प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि ट्रैफिक जाम के दौरान पुरुषों ने दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। उस शख्स ने मंत्री का कुर्ता फाड़ दिया जिसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों ने बीच-बचाव किया. मंत्री ने कहा कि मोटरसाइकिल पर सवार नेगी उनकी कार के पास आ गए। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कार के शीशे नीचे थे और नेगी ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया। जब उसने इसका विरोध किया तो वह उससे बहस करने लगा और उसका कुर्ता फाड़ते हुए हमला भी कर दिया। उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जब उनके गनर ने उनके बचाव में आने की कोशिश की तो नेगी ने उनकी वर्दी भी फाड़ दी।
