Uttarakhand यहाँ रहस्यमयी हालातों में भाई-बहन की मौत: कार में महिला का कंकाल, खाई में मिला भाई का शव :: Uttarakhand: Brother and sister died under mysterious circumstances here: Woman’s skeleton found in car, brother’s body found in ditch
ज्योतिर्मठ। जोशीमठ में एक रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। छह अप्रैल को भविष्य बदरी मार्ग पर एक जली हुई कार में एक महिला का कंकाल मिलने के बाद अब उसका लापता भाई भी मृत मिला है। पुलिस को उसका शव एक गहरी खाई में बरामद हुआ। मृतकों की पहचान भाई-बहन श्वेता सेनापति और सुनील सेनापति के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा के रायगढ़ जिले के निवासी थे और पिछले तीन महीनों से जोशीमठ के ढाक क्षेत्र में एक होमस्टे में ठहरे हुए थे।
चमोली के एसपी सर्वेश पंवार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी का प्रतीत होता है, लेकिन घटनास्थल और परिस्थितियों को देखते हुए कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों को पांच अप्रैल की शाम भविष्य बदरी क्षेत्र में देखा गया था। अगले दिन श्वेता की जली हुई कार में एक महिला का कंकाल मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद से ही सुनील की तलाश की जा रही थी और गुरुवार को उसका शव एक गहरी खाई में पाया गया।पुलिस जांच में यह सामने आया कि दोनों भाई-बहन का जीवन पिछले कुछ वर्षों से लगातार संघर्षपूर्ण था। 15-16 वर्ष पहले ये दोनों अपने परिवार के साथ विशाखापट्टनम चले गए थे, जहां उन्होंने व्यवसाय शुरू किया, लेकिन लगातार घाटा हुआ। इसके बाद सुनील ने बेंगलुरु में कैब चलानी शुरू की। इस दौरान माता-पिता और फिर कोरोना काल में छोटे भाई संतोष की मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया।कुछ समय पहले ही दोनों हरिद्वार पहुंचे, जहां सुनील सिडकुल में ड्राइवरी का काम करने लगा। आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, दोनों ने जोशीमठ पहुंचने से पहले एक मोबाइल और पांव की पैजेब तक बेच दी थी। इसके अलावा वे कुछ लोगों से उधार लेकर जीवन बिता रहे थे। घटनास्थल से पुलिस को एक जहर की बोतल भी मिली है, जिससे आशंका है कि दोनों ने जहर खाकर जान दी हो।हालांकि, कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। यदि आत्महत्या ही मकसद था, तो कार में आग क्यों लगाई गई? खुदकुशी कमरे में भी की जा सकती थी, फिर दोनों ने दूरस्थ और पहाड़ी इलाका क्यों चुना? सुनील यदि ड्राइवरी कर रहा था तो वह जीवनयापन क्यों नहीं कर पा रहा था? और अगर वे आर्थिक तंगी में थे, तो तीन महीने तक 10-15 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च कर होमस्टे में कैसे रह रहे थे?इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब आत्महत्या के साथ-साथ किसी गहरी साजिश की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से छानबीन की जा रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
