एल एंड टी कम्पनी को बागवान में नया खनन का पट्टा देने पर भड़के ग्रामीण, शुरू करेंगे जल जंगल जमीन बचाओ आन्दोलन
कीर्तिनगर तहसील के अंतर्गत बागवान ग्रामसभा एवं क्षेत्र के ग्रामीणों ने राज्य सरकार द्वारा एल एंड टी कम्पनी को बागवान नदी किनारे स्थित नए खनन पट्टे आवंटित करने का भारी विरोध किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के संस्थापक गणेश भट्ट एवं ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर में धरना प्रदर्शन किया और राज्य सरकार को चेतावनी ज्ञापन प्रेषित किया. गणेश भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार लगातार पहाड़ों में बड़ी बड़ी कम्पनियों को विकास के नाम पर ठेके दे रही है जिस कारण पहाड़ खोखले हो रहे हैं, नदियाँ सूख रही हैं, खेत और जंगल बर्बाद हो रहे है और गाँव के गाँव खाली हो रहे है. भट्ट ने कहा कि यदि एल एंड टी कम्पनी को नदी किनारे दिए गए नए खनन पट्टे को निरस्त नहीं किया गया तो यह कम्पनी रेलवे परियोजना के नाम पर 6 महीने में नदी किनारे के सभी पत्थर और रेत सामग्री को समाप्त कर देगी यहाँ का जल जंगल जमीन बर्बाद कर देगी फिर भविष्य में क्षेत्र के 150 से अधिक गाँवों के ग्रामीणों को ना मकान आदि कार्यों हेतु पत्थर और रेत मिल पायेगा ना स्थानीय ठेकेदारों को यह पट्टा मिलेगा और नाही घोडा और मालगाड़ी संचालकों को रोजगार मिल पायेगा. जिस तरह से बड़ी बड़ी कम्पनियों ने जोशीमठ वासियों को, श्रीनगर वासियों को, मलेथा वासियों को, चौरास क्षेत्र वासियों को विकास परियोजना के नाम पर भारी नुकसान पहुचाया है वैसे ही एल एंड टी कम्पनी भी खनन के नाम सम्पूर्ण क्षेत्र को भारी नुक्सान पहुचायेगी. यह एक गाँव का नहीं अपितु सम्पूर्ण पहाड़ी क्षेत्र को बचाने की एक पहल है।
ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल ने कहा कि ग्राम सभा द्वारा एक वर्ष पूर्व ही जिलाधिकारी टिहरी, क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को एल एंड टी कम्पनी को पट्टा न देने के विषय में आपति दर्ज कर चुकी थी इसके बावजूद आज एल एंड टी कम्पनी को नया खनन पट्टा आवंटित कर देना बेहद निंदनीय है. कहा कि 10 दिनों में एल एंड टी का खनन पट्टा निरस्त न किया गया तो समस्त ग्रामवासी कम्पनी एवं शासन प्रशासन के विरुद्ध बड़ा आन्दोलन शुरू करेंगे। धरना देने वालों में ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य भारती रावत, भल्लेगाँव क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला देवी, कई ग्रामीण राम प्रसाद, मथुरा प्रसाद, सुभाष चौहान, अतुल चौहान, शूरवीर सिंह रावत, उदय रावत, नागेंद्र, दीपा देवी, सुधा देवी, अनीता देवी, प्रमिला देवी, विवेक भट्ट, अनिल पांडे, हर्ष लाल, गब्बू लाल, विनोद लाल, नरेंद्र लाल, भारती लाल आदि भारी संख्या में लोग शामिल थे।
