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पोती ने अपनी ही दादी को उतारा मौत के घाट

इंस्टाग्राम पर रची मौत की साजिश

अक्सर बच्चे व टीनएजर मां-बाप की डांट से बचने के लिए दादा-दादी नाना नानी की मदद लेते है। दो जनरेशन के बीच का रिश्ता यह बेहद ही खास होता है मगर हरिद्वार से बेहद खौफनाक खबर सामने आई है। फिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ दिन पहले ही 12वीं पास करने वाली एक अच्छे घर की लड़की ने अपनी दादी के कत्ल की खौफनाक साजिश रच डाली। इसका जवाब पुलिस की पड़ताल में सामने आया है।

इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म और अपराध पर आधारित वेब सीरीज नव युवाओं की मासूमियत छीनकर उन्हें हिंसक व शातिर बना रही है। युवती ने भी कत्ल की पूरी योजना इंस्टाग्राम पर तैयार की थी। कत्ल के बाद पुलिस की जांच को लेकर भी वह हर अपडेट आरोपित उदित झा को देती रही। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि दादी को रास्ते से हटाने की योजना करीब 20 दिन पहले तैयार हुई थी।कहानी के सभी किरदार पढ़े लिखे युवा होने के चलते उन्हें अच्छी तरह मालूम था कि पुलिस मोबाइल फोन के जरिये कातिल को पकड़ लेती है। इसलिए वे केवल इंस्टाग्राम और फेस एप पर ग्रुप चैटिंग करते थे। जांच के दौरान कुछ वाट्सएप चैटिंग और वायस रिकार्डिंग भी पुलिस के हाथ लगी है। जिसमें युवती कह रही है कि पुलिस सबसे पहले वाट्सएप चेक करेगी, इसलिए चैट डिलीट करते रहना और इंस्टाग्राम पर ही बात करना। इतना ही नहीं, कत्ल के बाद पुलिस के घर पहुंचने पर युवती बार-बार इर्द-गिर्द घूमती रही। सीओ शांतनु पाराशर ने उसे कई बार दूर हटने के लिए कहा, लेकिन वह पुलिस की हर हरकत पर नजर बनाए हुई थी।

इतना ही नहीं, पुलिस की तफ्तीश से भी उसने उदित को आगाह किया और यहां तक कहा कि सीओ इस मामले में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है। यह सभी सुबूत पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं। लेकिन खौफनाक साजिश के पीछे आधुनिकता का ओवरडोज भी जिम्मेदार है।अधिकांश समय मोबाइल पर बिताने वाले नई उम्र के बच्चे घर बैठे यौन हिंसा से लेकर अपराध के तौर-तरीके सीख रहे हैं। मनोवैज्ञानिक डा. दीपेश चंद्र प्रसाद मानते हैं कि कोराना काल के बाद इंटरनेट मीडिया की लत ने युवाओं को भविष्य चौपट कर दिया है। वेब सीरीज भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। वहीं, शिक्षाविद् डा. सुनील कुमार बत्रा का कहना है कि आधुनिकता के साथ-साथ बच्चों के लिए अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं।नई पीढ़ी को गर्त में जाने से रोकने के लिए उन्हें संस्कारवान बनाना जरूरी है। सामाजिक स्तर पर सामूहिक प्रयास करने होंगे। कहानी सुनकर हर कोई हैरान प्रथम दृष्टया यह लग रहा था कि कोई नशेड़ी चोरी के इरादे से घर में घुसा होगा और बुजुर्ग महिला के देखने पर उसने हत्या कर डाली। दूसरा एंगल संपत्ति को लेकर किसी पारिवारिक व्यक्ति की तरफ बना हुआ था, लेकिन किसी को दूर-दूर तक यह उम्मीद नहीं थी कि पोती ही यह कारनामा कर सकती है। जांच के दौरान कड़ी से कड़ी जुड़ने पर हकीकत से पर्दा उठा तो पुलिस भी चौंक गई। परिवार से लेकर समाज और क्षेत्रवासी भी हैरान रह गए। गुरुवार को पूरे ज्वालापुर में हर किसी की जुबान पर यही प्रकरण छाया रहा।

This post was published on 17/05/2024 5:36 AM

swati tewari: working in digital media since 5 year