Uttarakhand news: अमीन हत्याकांड का पर्दाफाश, कहासुनी के दौरान हुआ मर्डर Amin Kamleshwar Bhatt murder case
पुलिस ने अमीन कमलेश्वर भट्ट हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। अमीन की जान 19 वर्षीय नेपाल मूल के युवक ने शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी के बाद ली थी।
उसने अमीन को बेरहमी से मारा था। पहले पत्थर से सिर और चेहरा कुचला फिर तड़पता छोड़ दिया। इतने से भी मन नहीं माना तो सांसें थमने के इंतजार में रात में छह घंटे तक शव के पास बैठा रहा।पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम को एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बीस हजार इनाम की घोषणा की।मुनिकीरेती थाने में एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि वार्ड नंबर-10, श्रीदेव सुमन मार्ग ढालवाला निवासी कमलेश्वर भट्ट (52 वर्ष) टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील में अमीन के पद पर तैनात थे।
16 अप्रैल की सुबह पत्थरों से कुचला हुआ उनका शव चंद्रभागा नदी में पानी की टंकी के पास पड़ा मिला था। चेहरे और सिर पर चोट के गहरे निशान थे।
शिनाख्त होने पर स्वजन ने बताया कि वह 15 अप्रैल की शाम करीब साढ़े छह बजे घर से निकले थे। उनके भाई जितेंद्र भट्ट की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटनास्थल के आसपास के 75 सीसीटीवी की फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही नजर आई थी।
डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों के सत्यापन के बाद संदिग्ध की पहचान 19 वर्षीय विकास उर्फ विको निवासी डंवागपुर, पोस्ट नउ, थाना घोराई, जिला डांग आंचल, नेपाल के रूप में हुई। वह अमीन के मोहल्ले में ही रहने वाले अपने फूफा विजय थापा के पास कुछ दिन पहले ही आया था। पुलिस के अनुसार, अमीन और विकास दोनों एक दूसरे को जानते थे।
15 अप्रैल को अमीन को विकास रास्ते में मिला था। दोनों ने चंद्रभागा नदी में शराब पी। इस दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर विकास ने पत्थर से सिर और चेहरा कुचलकर अमीन की हत्या कर दी। हत्या रात करीब साढ़े 10 बजे की गई।
नशे में धुत विकास तड़के करीब तीन बजे तक शव के पास बैठा रहा। नशा उतरने पर जब उसे यकीन हो गया कि अमीन की मौत हो चुकी है तो वह वहां से फरार हो गया। हालांकि, यह विवाद किस कारण हुआ इसके बारे में पुलिस अभी उससे उगलवा नहीं पाई है।
पुलिस की चार टीम लगाई गई
हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गईं। एक टीम ने आसपास के लोगों का सत्यापन किया। दूसरी टीम ने क्षेत्र के सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। तीसरी टीम ने झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया। चौथी टीम को सर्विलांस पर लगाया गया।
आसपास रहने वाले 120 लोगों का सत्यापन किया गया। इसी सत्यापन में सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया गया तो पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। संदिग्ध मानकर उसे हिरासत में लिया गया तो सच उगल दिया।
हालांकि, चेहरा मिलान में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि वह कुछ दिन पहले ही वहां आया था, इसलिए स्थानीय लोगों के लिए यह चेहरा नया था। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी उसकी पहचान में पुलिस की मदद की।
एक पैर में अमीन का सैंडल दूसरे में अपनी चप्पल पहनकर भागा
हत्या करने के बाद विकास हड़बड़ी में रहा। वह एक पैर में अमीन की सैंडल और दूसरे में अपनी चप्पल पहनकर वहां से भागा। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें भी यह फुटेज सामने आई। उसने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले ही यहां आकर मजदूरी कर रहा था।
This post was published on 21/04/2025 11:11 AM