प्रोजेक्ट प्रगति: फरासू में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 14 दिवसीय एमएसडीपी का शुभारंभ
श्रीनगर गढ़वाल। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद द्वारा क्रियान्वित और रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा समर्थित प्रोजेक्ट प्रगति: इम्पावरिंग वूमेन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 14 दिवसीय सूक्ष्म कौशल उद्यमिता विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) का शुभारंभ ग्राम फरासू में आज प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है।
ग्राम फरासू के पार्षद सोनू चमोली व परियोजना अधिकारी दिलीप सिंह कुशवाहा ने किया। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रभावित गांव देवली की महिलाओं को इस प्रशिक्षण में मिलेटस के लड्डू, बिस्किट, नमकीन व केक के उत्पाद बनाने की तकनीकी प्रशिक्षण मुख्य प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। आरवीएनएल ऋषिकेश और ईडीआईआई अहमदाबाद मिलकर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए निपुण बनाने का कार्य कर रही है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बने और अपना स्वरोजगार स्थापित कर नए अवसरों का लाभ उठाए। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के परियोजना अधिकारी दिलीप सिंह ने 14 दिवसीय प्रशिक्षण के उद्देश्य और परियोजना के बारे में एवं उद्यमिता अवधारणा और महत्व के बारे में अपने सत्र में जानकारी दी। उद्यमी कौन बन सकता है ट्रेनर और मोटीवेटर हिम्मत सिंह रौतेला ने नवाचार, बिजनेस आइडिया, समूह उद्यम और इसकी पहुंच के बारे में महिलाओं को बताया। इस 14 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को 6 दिन उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) और 8 दिन मिलेटस के लड्डू, बिस्किट, नमकीन आदि उत्पादों पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण लेकर महिलाएं बाजार में बिक्री हेतु उपलब्ध कराएगी।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मूल्य संवर्धन की तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें स्वरोजगार एवं आय सृजन की दिशा में सशक्त बनाना है इससे न केवल आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। और ग्राहकों को समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद मिलेंगे। इस अवसर पर गांव में संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आदि मौजूद रही।
This post was published on 01/07/2025 11:05 AM