DHARCHULA
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बहुप्रतीक्षित आदि कैलाश और ऊं पर्वत यात्रा का शुभारंभ हो गया है।
धारचूला से एसडीएम आशीष जोशी ने हरी झंडी दिखाकर पहले चरण में करीब 200 श्रद्धालुओं को रवाना किया।
यात्रा के लिए अब तक लगभग 500 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 350 यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी किया जा चुका है।
तय रूट: गुंजी, कुटी होते हुए ज्योलिंगकांग तक सफर
यात्री करीब 140 किलोमीटर की कठिन पहाड़ी यात्रा तय करेंगे। धारचूला से निकलकर वे गुंजी और कुटी होते हुए
ज्योलिंगकांग पहुंचेंगे, जहां पार्वती सरोवर के दर्शन के साथ आदि कैलाश के दिव्य दर्शन होंगे।
इसके बाद नाभिढांग से ऊं पर्वत के दर्शन किए जाएंगे।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा पर खास जोर
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने यात्रियों और वाहन चालकों से पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यात्रा शुरू होते ही धारचूला, गुंजी, कुटी और ज्योलिंगकांग क्षेत्रों में रौनक बढ़ गई है।
टूर ऑपरेटर, होमस्टे और होटल व्यवसायियों में उत्साह देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पीएम दौरे के बाद बढ़ी लोकप्रियता
अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद इस क्षेत्र की पहचान तेजी से बढ़ी है।
पहले जहां पर्यटकों की संख्या 2 हजार से कम थी, अब यह 30 हजार के पार पहुंच चुकी है।
इस साल लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

